उत्तराखण्डकुमाऊं,

लालकुआं में चोरी का खुलासा करने के बाद नया मोड़! कोर्ट के आदेश पर दो घंटे में घर पहुंचे दोनों आरोपी

लालकुआं न्यूज़– लाखों रुपये की चोरी का खुलासा कर दो सगे भाइयों को गिरफ्तार करने और चोरी का पूरा माल बरामद करने का दावा करने वाली लालकुआं पुलिस की कार्रवाई पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने जिस मामले में एसएसपी की प्रेस वार्ता कर अपनी कामयाबी का बखान किया, उसी मामले में खुलासे के महज दो घंटे बाद दोनों आरोपी रिहा होकर अपने घर पहुंच गए। दरअसल, न्यायालय ने आरोपियों को निर्धारित कानूनी समय-सीमा से अधिक पुलिस हिरासत में रखे जाने के मामले में तत्काल रिहाई के आदेश जारी कर दिए। इस घटनाक्रम से पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

 

 

मामला लालकुआं कोतवाली से महज 10 मीटर की दूरी पर स्थित आजाद नगर का है। करीब एक माह पूर्व वनकर्मी की पत्नी मोहिनी परिहार के घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी हो गई थी। पुलिस ने जांच के बाद इसी मोहल्ले के दो सगे भाइयों विकास मंडल और विशाल मंडल को गिरफ्तार कर चोरी का पूरा माल बरामद करने का दावा किया था। गुरुवार को नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने हल्द्वानी में प्रेस वार्ता कर इस चोरी के खुलासे की जानकारी भी दी।

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लेकिन पुलिस की इस कामयाबी की कहानी कुछ ही घंटों में बदल गई। दोनों आरोपियों के अधिवक्ता लोकेश राज चौधरी के अनुसार, पुलिस ने दोनों भाइयों को 3 नवंबर को हिरासत में लिया था, जबकि 5 नवंबर को उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई और 6 नवंबर को चोरी के खुलासे की जानकारी सार्वजनिक की गई। अधिवक्ता ने न्यायालय में दलील दी कि दोनों आरोपियों को 24 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रखना कानूनी प्रावधानों के विपरीत है।

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पुलिस दोनों आरोपियों की रिमांड लेने के लिए न्यायालय पहुंची थी। इसी दौरान प्रथम अपर सिविल जज आदर्श त्रिपाठी ने मामले में सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को तत्काल रिहा करने के आदेश जारी कर दिए। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपी जेल जाने के बजाय सीधे अपने घर पहुंच गए।

 

 

 

इधर, लालकुआं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा ने बताया कि पुलिस ने करीब एक माह पूर्व हुई चोरी का खुलासा करते हुए चोरी का पूरा माल बरामद किया है। दोनों आरोपियों विकास मंडल और विशाल मंडल का चालान किया गया था। आरोपियों को रिहा करने का निर्णय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में है।

 

 

 

इस घटनाक्रम का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि हल्द्वानी में एसएसपी कार्यालय में प्रेस वार्ता के बाद जब पुलिस टीम लालकुआं पहुंची तो दोनों आरोपी उससे पहले ही अपने घर पहुंच चुके थे। मोहल्ले में आरोपियों को वापस देखकर चोरी की पीड़िता मोहिनी परिहार भी स्तब्ध रह गईं। उन्होंने कहा कि जिन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर ले गई थी, उनका कुछ ही घंटों में वापस घर पहुंच जाना बेहद निराशाजनक है।

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पुलिस के लिए चोरी का खुलासा और माल बरामदगी भले ही उपलब्धि हो, लेकिन गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने पूरी कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। अब सवाल यह है कि जब पुलिस को आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद न्यायालय में पेश करना था, तो इस प्रक्रिया में देरी कैसे हुई?