उत्तराखण्डकुमाऊं,

बाघ-तेंदुए की दहशत के बीच देवरामपुर-परमा में लगाए पिंजरे आबादी में बार-बार वन्यजीवों की दस्तक से ग्रामीण चिंतित, पंचायत प्रतिनिधियों की मांग पर वन विभाग ने की कार्रवाई

लालकुआं न्यूज़- बरेली रोड ग्रामीण क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में बाघ और तेंदुए के बार-बार आबादी क्षेत्र में आने और पशुओं पर हमले की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

 

क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों की मांग पर मंगलवार को देवरामपुर और परमा गांव में वन्यजीवों को पकड़ने के लिए एक-एक पिंजरा लगाया गया।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- यहाँ रामलीला के लिए शुरू हुई महाभारत, पढ़े पूरी खबर

 

 

वन विभाग की टीम ने संभावित वन्यजीव मूवमेंट वाले स्थानों का निरीक्षण करने के बाद पिंजरों के लिए स्थल चयन किया। अभियान की अगुवाई एसडीओ पूर्वी तराई अनिल जोशी, वन क्षेत्राधिकारी पूर्वी तराई गौला रेंज चंदन अधिकारी और फॉरेस्टर दीप चंद्र आर्य ने की। इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र चंद्र दुर्गापाल, सोनी पंत, चिंतामणि पांडे, ग्राम प्रधान पूजा बिष्ट सहित स्थानीय किसान और पशुपालक मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें 👉  नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में लालकुआं नगर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, मिनी कॉन्प्लेक्स निर्माण, पुस्तकालय और वर्ष 2000 के सर्किल रेट के हिसाब से मालिकाना हक देने सहित कुल 29 प्रस्ताव पारित किए गए

 

 

 

एसडीओ पूर्वी तराई अनिल जोशी ने बताया कि क्षेत्र में बाघ और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।वन्यजीवों के मूवमेंट के आधार पर जरूरत पड़ने पर पिंजरों का स्थान भी बदला जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- देश के टॉप-100 विश्वविद्यालयों में शामिल हुआ पंत विवि, NIRF की ओर से जारी रैंकिंग में पाया 88वां स्थान

 

 

 

पंचायत प्रतिनिधियों ने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों से जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाने तथा वन्यजीवों की आबादी में आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।