UKSSSC पेपर लीक मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, हाकम सिंह रावत की 63.30 लाख की संपत्तियां अटैच

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के देहरादून उप क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत आरोपी हाकम सिंह रावत की करीब 63.30 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है।
ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि हाकम सिंह रावत ने पेपर लीक से कथित तौर पर अर्जित अवैध धन का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने में किया था।
पेपर लीक सिंडिकेट से जुड़ा था हाकम सिंह
ईडी की जांच के अनुसार, हाकम सिंह रावत ने आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों, परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों और अन्य बिचौलियों के साथ मिलकर कथित तौर पर पेपर लीक सिंडिकेट चलाया। लीक किए गए प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर उपलब्ध कराए गए और इस तरह अर्जित धन का इस्तेमाल बाद में चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
करीब 95 लाख रुपये की अवैध आय का खुलासा
वित्तीय जांच के दौरान ईडी को पता चला कि हाकम सिंह रावत को इस अपराध से करीब 95 लाख रुपये की अवैध आय प्राप्त हुई थी। बैंक खातों की जांच में बड़ी मात्रा में नकद जमा किए जाने की जानकारी सामने आई।
ईडी का आरोप है कि इस रकम को वैध आय के तौर पर दिखाने के लिए आयकर रिटर्न में कृषि आय दर्शाई गई, जबकि जांच में कथित कृषि गतिविधियों का दावा फर्जी पाया गया। एजेंसी के अनुसार, अपराध से अर्जित धन को वित्तीय प्रणाली में शामिल करने के बाद उसका इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
14 ठिकानों पर हुई थी ईडी की छापेमारी
जांच के दौरान ईडी ने 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में डिजिटल उपकरण, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई। जांच में हाकम सिंह रावत की भूमिका के अलावा अन्य आरोपियों की कथित संलिप्तता के संबंध में भी जानकारी सामने आई।
PMLA कोर्ट में दाखिल हो चुकी है अभियोजन शिकायत
ईडी ने बताया कि मामले में आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों, सरकारी कर्मचारियों, बिचौलियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) पहले ही दाखिल की जा चुकी है।
2016 और 2021 की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है मामला
जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2016 और 2021 की UKSSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में ओएमआर शीट में कथित छेड़छाड़, गोपनीय प्रश्नपत्र लीक करने और अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने की साजिश जैसे आरोप सामने आए हैं।
ईडी ने कहा है कि मामले में धन शोधन से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है।








