बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग तेज, हास्य कलाकार जीवन दानू बोले- ‘धामी ज्यू, आब तदुक देर नि लगाओ, जल्दी राजस्व ग्राम बढ़ाओ’

बिंदुखत्ता न्यूज़- बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन बिंदुखत्ता का जनसंपर्क और जनजागरूकता अभियान लगातार जारी है। मंगलवार को अभियान के तहत पदयात्रा का 32वां दिन रहा। पदयात्रा 17 एकड़ से शुरू होकर सुभाषनगर, पटेलनगर और मुल्तान नगरी होते हुए बाजपुर चौराहे पर पहुंची, जहां आज के अभियान का समापन किया गया।
पदयात्रा के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से घर-घर संपर्क कर बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता और इसके महत्व की जानकारी दी। साथ ही आगामी 27 सितंबर, रविवार को प्रस्तावित जनसभा एवं विशाल रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई। संगठन के अनुसार बिंदुखत्ता के 32 गांवों में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाना है।
अभियान के दौरान गांव-गांव में रात्रि के समय भजन-कीर्तन और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड के प्रसिद्ध हास्य कलाकार जीवन दानू ने अपने चुटीले अंदाज में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग की। उन्होंने कहा, “धामी ज्यू आब् तदुक देर नि लगाओ, जल्दी राजस्व ग्राम बढ़ाओ। ध्यान धरिया हाँ कि यो बिंदुखात्त वाल्नैकि वोट बटी एक विधायक तय हुँ, आब् यैकि अनदेखी नै करिया।” उनके इस अंदाज ने अभियान के दौरान लोगों का ध्यान खींचा।
वन अधिकार संगठन ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के मूलभूत अधिकार, सम्मान और भविष्य से जुड़ा विषय है। संगठन का कहना है कि ग्रामीण लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहेंगे। जब तक मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन के अनुसार मंगलवार रात पश्चिम राजीवनगर स्थित शिव मंदिर में भजन-कीर्तन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं 27 सितंबर को प्रस्तावित विशाल रैली को लेकर भी संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और ग्रामीणों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने का आह्वान किया है।
आज की पदयात्रा में संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, नंदन बोरा, चंचल सिंह कोरंगा, ममता बिष्ट, दीपक रौतेला, बलवंत परिहार, कैप्टन सुंदर सिंह खनका, भवान सिंह कठायत, गोविंद गिरी, हरीश रजवार, कैप्टन खुशाल सिंह कोश्यारी, सोहन लाल, गोपाल नेगी, नवीन जोशी, भूपेश जोशी, दौलत सिंह कोरंगा, जीवन पांडे, दीपक पाठक, दीपू पाण्डे, दानी कोरंगा, वीरेंद्र कार्की, सुंदर कोरंगा, करम सिंह कोरंगा, मीना मेहता समेत सैकड़ों महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भागीदारी की।







