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अक्टूबर की शुरुआत में बड़ा बदलाव! बैंक, ATM, FD, UPI और LPG से जुड़े 7 नियम बदलेंगे

नई दिल्ली- अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है। 1 अक्टूबर 2026 से SBI के कुछ खाताधारकों के ATM ट्रांजेक्शन, बड़ी FD की ब्याज दरों की जानकारी, LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन और छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों से जुड़े नियमों पर नजर रहेगी। वहीं अक्टूबर में RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक भी होगी, जिसमें रेपो रेट पर फैसला लिया जाएगा।

 

 

इसके अलावा UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR से जुड़ा बदलाव 15 अक्टूबर से प्रस्तावित है। NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए TDS से जुड़ी प्रक्रिया में भी बदलाव होने की बात कही गई है। ऐसे में बैंक ग्राहक और निवेशक महीने की शुरुआत से पहले इन बदलावों को समझ लें।

 

 

1. 7 अक्टूबर को रेपो रेट पर फैसला

RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक होगी। 7 अक्टूबर को रेपो रेट को लेकर फैसला किया जाएगा। अगस्त की समीक्षा के बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी पर था।

 

 

रेपो रेट में बदलाव होने पर आगे चलकर बैंक लोन और FD की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, बैंक अपनी ब्याज दरों में तुरंत या रेपो रेट के समान अनुपात में बदलाव करें, यह जरूरी नहीं है।

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2. बड़ी FD की ब्याज दरों को लेकर बदलेगा नियम

1 अक्टूबर से बैंकों के बल्क डिपॉजिट यानी 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की जमा से जुड़ी ब्याज दरों की जानकारी देने के नियमों में बदलाव होगा। बैंकों को ऐसी जमाओं पर लागू ब्याज दर पहले से बतानी होगी और रोजाना सुबह 10 बजे ब्याज दर की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है।

 

 

 

इस बदलाव का उद्देश्य बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों के लिए ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ाना है।

 

 

3. 15 अक्टूबर से कुछ UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR

15 अक्टूबर से कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर MDR (Merchant Discount Rate) लागू होने का प्रावधान है। 2,000 रुपये तक के ट्रांजेक्शन और छोटे कारोबारियों के लिए जीरो-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले भुगतान इससे अलग रहेंगे।

 

 

हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत ने फिलहाल इसे रोकने से इनकार करते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

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4. LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

जिन LPG उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलता है, उनके लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना जरूरी होगा। जिन ग्राहकों का ऑथेंटिकेशन अभी लंबित है, उन्हें इसे समय रहते पूरा कराने की सलाह दी गई है, ताकि आगे सब्सिडी से जुड़ी परेशानी न हो।

 

 

5. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर नजर

PPF, NSC, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट जैसी छोटी बचत योजनाओं की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों की समीक्षा होनी है।

 

 

जुलाई-सितंबर तिमाही में इन योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया था। अब अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में दरें बढ़ती हैं, घटती हैं या मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी।

 

 

6. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS प्रक्रिया में बदलाव

1 अक्टूबर से कुछ मामलों में NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF को TDS के लिए अलग TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए वे अपने PAN का इस्तेमाल कर सकेंगे।

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इस बदलाव से NRI से संपत्ति खरीदने वाले लोगों के लिए TDS से जुड़ी कागजी प्रक्रिया आसान हो सकती है।

 

 

7. SBI ATM ट्रांजेक्शन की लिमिट में बदलाव

SBI के कुछ सैलरी पैकेज अकाउंट धारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर मुफ्त ट्रांजेक्शन की लिमिट में बदलाव होगा। 1 अक्टूबर से यह सीमा महीने में 5 ट्रांजेक्शन होगी। इसमें वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों तरह के ट्रांजेक्शन शामिल होंगे।

 

 

वहीं, BSBD खातों में महीने में चार कैश निकासी मुफ्त रहने की जानकारी दी गई है। इसके बाद निर्धारित शुल्क के साथ GST भी लागू हो सकता है। डिजिटल ट्रांजेक्शन पर यह ATM निकासी सीमा लागू नहीं होगी।

 

 

महीने की शुरुआत से पहले जान लें नियम

अक्टूबर की शुरुआत में बैंकिंग, निवेश, UPI, LPG सब्सिडी और टैक्स से जुड़े इन बदलावों का असर अलग-अलग ग्राहकों पर उनकी सेवा और खाते के प्रकार के आधार पर पड़ सकता है। इसलिए बैंक ग्राहक अपने खाते की शर्तों और संबंधित संस्थान की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।