उत्तराखण्डगढ़वाल,

हरिद्वार में यूपी सिंचाई विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज, पिरान कलियर में मजार व दो दर्जन टिनशेड ध्वस्त

रुड़की न्यूज़– उप्र सिंचाई विभाग की वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में रही सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त रुख के बाद हरिद्वार जनपद में प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इसी क्रम में पिरान कलियर क्षेत्र में उप्र सिंचाई विभाग की भूमि पर बने अवैध ढांचों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।

 

बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने पिरान कलियर में उप्र सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बनी एक मजार, मिश्रित अतिक्रमण और करीब दो दर्जन अस्थायी टिनशेड को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही दरगाह गैबलीशाह रोड पर बनी अवैध दुकानों को भी हटाया गया। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया, हालांकि प्रशासन की मौजूदगी में कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

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दरअसल, हरिद्वार जनपद में उप्र सिंचाई विभाग की कई परिसंपत्तियां लंबे समय से अवैध कब्जों में फंसी हुई हैं। यह मामला केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों से जुड़ी सरकारी भूमि और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी शामिल हैं। उप्र सिंचाई विभाग का कहना रहा है कि स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण कार्रवाई में देरी हो रही थी। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बीते सप्ताह डामकोठी में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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प्रशासन ने बताया कि अहमदपुर कडच क्षेत्र में विकसित राजीव कॉलोनी को लेकर बेदखली का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट से आदेश मिलते ही वहां भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं कलियर क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करने के उद्देश्य से बुध बाजार स्थित नहर पटरी के दोनों ओर बने अवैध बस अड्डों, पक्के निर्माण और अन्य अतिक्रमण को हटाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।

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कार्रवाई के दौरान नगर पंचायत कलियर के अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र सिंह, उप्र सिंचाई विभाग के एसजीओ अर्जुन सिंह, अवर अभियंता बीडी धीमान, उप राजस्व अधिकारी मुनेश शर्मा सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

 

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उप्र सिंचाई विभाग की भूमि से जुड़ा यह मामला दो राज्यों से संबंधित है और उत्तराखंड प्रशासन पूरी संवैधानिक मर्यादा व आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।