सिक्किम टनल हादसे में चमोली के होनहार इंजीनियर प्रवीन नेगी की मौत, रेस्क्यू के बाद मिला शव, गांव में पसरा मातम

चमोली- सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी (नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन) की निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे में उत्तराखंड के चमोली जिले के गुनियाला गांव निवासी युवा इंजीनियर प्रवीन नेगी की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रवीन के असमय निधन से हर कोई स्तब्ध है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रवीन नेगी दक्षिण सिक्किम के सामरदुंग क्षेत्र में एनएचपीसी की निर्माणाधीन टनल परियोजना में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। बीते 20 जुलाई को सुरंग के भीतर अचानक संदिग्ध मीथेन गैस का विस्फोट हुआ, जिसके चलते सुरंग का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया। हादसे के समय कई कर्मचारी और अधिकारी सुरंग के भीतर काम कर रहे थे और मलबे में फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही एनएचपीसी, जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कई दिनों तक लगातार भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन सुरंग के भीतर की परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण बनी रहीं। लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद फंसे लोगों की तलाश की गई, लेकिन प्रवीन नेगी को जीवित नहीं बचाया जा सका।
कड़ी मेहनत से बनाया था अपना मुकाम
प्रवीन नेगी अपने शांत स्वभाव, मेहनती व्यक्तित्व और कार्य के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मायापुर-पीपलकोटी परियोजना से अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने रेलवे और अन्य महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं में अपनी सेवाएं दीं। अपने अनुभव और प्रतिभा के दम पर वह हाल ही में एनएचपीसी की टनल परियोजना से जुड़े थे, जहां वह इंजीनियर के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रवीन नेगी के निधन की सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव गुनियाला पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और बड़ी संख्या में लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
क्षेत्र में शोक, लोगों ने दी श्रद्धांजलि
प्रवीन नेगी के निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें एक होनहार, कर्मठ और विनम्र युवा बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
प्रवीन नेगी की असमय मृत्यु ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे चमोली जिले को गहरा सदमा पहुंचाया है। यह हादसा एक बार फिर निर्माणाधीन सुरंगों में काम करने वाले कर्मचारियों और इंजीनियरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।








