उत्तराखण्डकुमाऊं,

बिन्दुखत्ता- गौला के कटाव से सैकड़ों एकड़ जमीन नदी में समाई, घरों पर मंडराया खतरा; ग्रामीणों ने CM को सौंपा ज्ञापन

लालकुआं न्यूज़- लगातार एक सप्ताह से हो रही बारिश के चलते गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी किनारे के क्षेत्रों में तेज भू-कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। इंदिरा नगर प्रथम-द्वितीय, गब्दा, रावत नगर और खुरियाखत्ता क्षेत्र में नदी के कटाव से सैकड़ों एकड़ भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि दर्जनों मकान भी कटाव की जद में आ गए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

 

 

कटाव से प्रभावित ग्रामीण पिछले कई दिनों से नदी तट पर धरने पर बैठे हैं। सोमवार को वन अधिकार संगठन ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए गौला नदी के तट पर तत्काल स्थायी सुरक्षा दीवार बनाए जाने और प्रभावित परिवारों को राहत एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई।

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चुगान नहीं होने से बढ़ा कटाव का खतरा

वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत अधिकार स्वीकृत होने के बावजूद ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि हाथी कॉरिडोर से प्रभावित क्षेत्रों में चुगान नहीं होने के कारण नदी के बीच में सिल्ट और मलबा जमा हो गया है। इससे नदी का तल ऊंचा होने के कारण पानी तटों की ओर बढ़ रहा है और लगातार भू-कटाव हो रहा है।

 

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उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को प्रभावी पैरवी करते हुए सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।

 

 

विधायक के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश

धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों में स्थानीय विधायक के प्रति भी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर विधायक आवास के घेराव की चेतावनी दी।

 

 

मामले की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी रेखा कोहली मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और ज्ञापन को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री तक भेजने का आश्वासन दिया। साथ ही नदी तट से सटे प्रभावित परिवारों को तत्काल रहने, भोजन समेत आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।

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धरना-प्रदर्शन में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, कैप्टेन इंद्र सिंह पनेरी, प्रकाश उत्तराखण्डी, मीना मेहता, दीपक रौतेला, जेसी उप्रेती, भवान सिंह कठायत, कुन्दन कोरंगा, केदार कोरंगा, माधो सिंह अरमोली, धन सिंह गड़िया, सुंदर सिंह, वीरेंद्र कार्की, दीपक पाठक, गंगा देवी, लीला देवी, रेखा कार्की समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

 

 

प्रशासन की ओर से एसडीएम रेखा कोहली, तहसीलदार ईश्वर सिंह भीमा, लालकुआं कोतवाल समेत पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही।