देहरादून- मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर ड्राइवर ने की आत्महत्या, गर्लफ्रेंड और उसके प्रेमी पर मुकदमा

देहरादून न्यूज़– पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की तरह उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी प्रेम संबंधों और कथित मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के ड्राइवर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों ने उसकी गर्लफ्रेंड और उसके दूसरे प्रेमी पर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मृतक की पहचान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के ग्राम धौलरी निवासी पुष्पेंद्र कुमार के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 10 वर्षों से देहरादून में रहकर कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुरेश की गाड़ी पर टैक्सी ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। वह शास्त्रीनगर क्षेत्र में किराये के मकान में रहता था।
बंद कमरे में मिला था शव
परिजनों के अनुसार 16 जून 2026 को दोपहर करीब 12 बजे पुष्पेंद्र के भाई आशीष कुमार को उसके रूम पार्टनर सुजित का फोन आया। सुजित ने बताया कि पुष्पेंद्र ने कमरे के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही परिजन देहरादून पहुंचे। अगले दिन पोस्टमॉर्टम के बाद शव को पैतृक गांव ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
सुसाइड नोट से खुली प्रताड़ना की कहानी
मृतक के भाई आशीष कुमार का कहना है कि अंतिम संस्कार और तेरहवीं की रस्मों के बाद जब परिवार ने मौत की वजह जानने की कोशिश की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोप है कि आत्महत्या से पहले पुष्पेंद्र ने एक कागज पर अपने साथ हुई पूरी प्रताड़ना का जिक्र किया था। पुलिस ने उस दस्तावेज को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
प्रेम प्रसंग के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
शिकायत के मुताबिक पुष्पेंद्र का मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की रहने वाली अंजीना सलाम उर्फ अंजू से प्रेम संबंध था। 24 मई को वह मुजफ्फरनगर में सुजित के बेटे की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने आई थी, जहां पुष्पेंद्र भी मौजूद था। इसके बाद दोनों करीब एक सप्ताह तक देहरादून में साथ रहे और 28 मई को अंजीना वापस मध्य प्रदेश लौट गई।
परिजनों का आरोप है कि मध्य प्रदेश लौटने के बाद अंजीना सलाम और उसके दूसरे प्रेमी अलकेश कावडे ने पुष्पेंद्र को लगातार फोन कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। दोनों उस पर दबाव बनाते रहे और कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां भी दीं। इसी मानसिक तनाव और प्रताड़ना से परेशान होकर पुष्पेंद्र ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
रूम पार्टनर पर भी लगाए गंभीर आरोप
मृतक के भाई ने पुष्पेंद्र के साथ रहने वाले सुजित पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सुजित को अंजीना और अलकेश के बारे में पूरी जानकारी थी, लेकिन उसने यह महत्वपूर्ण जानकारी परिवार से छिपाकर रखी। परिजनों ने इस पूरे मामले में उसकी भूमिका की भी जांच की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर देहरादून के बसंत विहार थाने में 22 जून 2026 की रात 11:39 बजे एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने अंजीना सलाम और अलकेश कावडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मामले की जांच एसआई सुनील नेगी को सौंपी गई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और सुसाइड नोट की फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।








