हल्द्वानी की रेणु धरियाल ने रचा इतिहास, 8 फीट 10 इंच लंबे बालों से बनाया Guinness World Record

हल्द्वानी न्यूज़- शहर की बेटी रेणु धरियाल ने अपने असाधारण रूप से लंबे बालों की वजह से हल्द्वानी और उत्तराखंड का नाम दुनियाभर में रोशन किया है। रेणु ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराते हुए जीवित महिला के सबसे लंबे बालों का नया रिकॉर्ड बनाया है। उनके बालों की लंबाई 271.50 सेंटीमीटर यानी करीब 8 फीट 10 इंच दर्ज की गई है।
रेणु के इस रिकॉर्ड की पुष्टि अप्रैल में हुई, जब Guinness World Records की टीम हल्द्वानी पहुंची और उनके बालों की जांच व आधिकारिक माप किया। माप के बाद उनके बालों की लंबाई 271.50 सेंटीमीटर दर्ज की गई। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने यूक्रेन की आलिया नासिरोवा का पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
आलिया नासिरोवा का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया कीर्तिमान
रेणु से पहले यूक्रेन की आलिया नासिरोवा के नाम जीवित महिला के सबसे लंबे बालों का रिकॉर्ड था। उनके बालों की लंबाई 257.33 सेंटीमीटर यानी करीब 8 फीट 5.3 इंच दर्ज की गई थी। रेणु ने इससे करीब 14 सेंटीमीटर अधिक लंबे बालों के साथ नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
रेणु के बालों की लंबाई दुनिया के सबसे लंबे व्यक्ति रहे रॉबर्ट वाडलो की ऊंचाई के भी लगभग बराबर है। रॉबर्ट वाडलो की लंबाई 272 सेंटीमीटर यानी करीब 8 फीट 11.1 इंच दर्ज की गई थी।
2015 से बढ़ा रही हैं बाल
रेणु ने बताया कि वह वर्ष 2015 से लगातार अपने बाल बढ़ा रही हैं। लंबे बालों को संभालने और उन्हें जमीन से दूर रखने के लिए वह खास तरह की चोटी बनाती हैं। बालों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए वह उनकी देखभाल में काफी समय देती हैं।
बालों को धोने, सुखाने और सुलझाने में उन्हें घंटों का समय लग जाता है। वह अपने बालों को केमिकल प्रोडक्ट्स से भी दूर रखती हैं और प्राकृतिक तरीके से उनकी देखभाल करने पर जोर देती हैं।
कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर भी हैं रेणु
रेणु धरियाल एक कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर भी हैं। वह अपने लंबे बालों की देखभाल से जुड़े अनुभव और ब्यूटी टिप्स दूसरी महिलाओं के साथ साझा करती हैं। उनके मुताबिक लंबे बालों को बनाए रखना आसान नहीं है, लेकिन नियमित देखभाल और धैर्य के जरिए इसे संभव बनाया जा सकता है।
लंबे बालों को मानती हैं सुंदरता और परंपरा का प्रतीक
रेणु का कहना है कि भारतीय संस्कृति में लंबे बालों को लंबे समय से सुंदरता और परंपरा का प्रतीक माना जाता रहा है। इसी सोच ने उन्हें अपने बालों को लगातार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
रेणु की इस उपलब्धि ने न सिर्फ हल्द्वानी और उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, बल्कि यह भी दिखाया है कि वर्षों की मेहनत, धैर्य और लगन से असाधारण उपलब्धि हासिल की जा सकती है।








