उत्तराखण्डकुमाऊं,

देहरादून -(बड़ी खबर) उपखनिज का चुगान/खनन का कार्य निगमों से हटाकर किसी निजी व्यक्ति / कम्पनी को नही देने की तैयारी, खनन विभाग ने दी जानकारी

देहरादून न्यूज़ – उत्तराखण्ड उप-खनिज परिहार नियमावली, 2023 के नियम-69 में राज्य क्षेत्रान्तर्गत नदी तल मे उपखनिज (रता, बजरी, बोल्डर आदि) के स्वीकृत खनन पट्टों से रॉयल्टी (Royalty) /अपरिहार्य भाटक (Dead Rent) की धनराशि वसूली चयनित ठेकेदार के माध्यम से किये जाने का प्रावधान है।

विगत वर्षों में राज्य के मैदानी जनपदों यथा जनपद नैनीताल, उधमसिंहनगर, हरिद्वार व देहरादून के क्षेत्रान्तर्गत नदी मे स्वीकृत खनन पट्टों से रॉयल्टी (Royalty) / अपरिहार्य भाटक (Dead Rent) के रूप में लगभग रू0 100/- करोड़ का राजस्व प्राप्त हो रहा है जबकि राज्य सरकार को उपखनिज की उपलब्धता के आधार पर एवं निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष लगभग रू0 350/- करोड़ का राजस्व प्राप्त होना चाहिए था।

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उपखनिज की निर्धारित मात्रा की निकासी न होने पाने से राज्य को राजस्व की हानि हो रही है और आम जन को उपखनिज उच्च दरों पर मिल रहा है और कतिपय व्यक्तियों के द्वारा उपखनिज की चोरी कर अवैध खनन किया जा रहा है।

राज्य के मैदानी जनपदों यथा जनपद नैनीताल, उधमसिंहनगर, हरिद्वार व देहरादून के क्षेत्रान्तर्गत नदी मे स्वीकृत खनन पट्टों से रॉयल्टी (Royalty) / अपरिहार्य भाटक (Dead Rent) वसूलने हेतु ई-निविदा सह ई-नीलामी के माध्यम से ठेकेदार के चयन किये जाने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। जिसमे न्यूनतम आधार मूल्य रू0 350/- करोड़ एवं अन्य कर (जो भी लागू हो) रखा गया है, जिससे राज्य सरकार को लगभग रू0 400/- करोड़ की राजस्व प्राप्ति होगी एवं अवैध खनन पर प्रभावी रोकथाम लगेगी तथा आम जन एवं राज्य सरकार की कार्यदायी संस्थाओं को सस्ते दरों पर उपखनिज की आपूर्ति होगी। उक्त प्रकार की प्रक्रिया देश के अन्य कई राज्यों यथा मध्यप्रदेश एवं राजस्थान मे पूर्व से ही लागू है।

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और साथ ही यह स्पष्ट किया जाता है कि उपखनिजों का चुगान / खनन पूर्व की भांति निगमों के द्वारा ही किया जायेगा एवं ई-खन्ना प्रपत्रों को भी निगमों के द्वारा उपखनिज का परिवहन किये जाने रहे सम्बन्धित वाहन स्वामियों को निर्गत किया जायेगा। सिर्फ और सिर्फ रॉयल्टी (Royalty) / अपरिहार्य भाटक (Dead Rent) की वसूली ही उक्तानुसार चयनित ठेकेदार के द्वारा वसूल की जायेगी।

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यह भी स्पष्ट करना है कि नदी तल मे उपखनिज का चुगान/खनन का कार्य निगमों से हटाकर किसी निजी व्यक्ति / कम्पनी को नही दिया जा रहा है और ना ही भविष्य में दिये जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।