बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग तेज, सवा दो साल बाद भी अधिसूचना नहीं; 27 सितंबर को आर-पार की लड़ाई की तैयारी

बिंदुखत्ता न्यूज़- बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जिलास्तरीय वनाधिकार समिति द्वारा राजस्व ग्राम के दावे को स्वीकृति दिए जाने के सवा दो साल से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक अधिसूचना जारी नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। आंदोलनकारियों ने अब 27 सितंबर को बड़े जनआंदोलन और निर्णायक संघर्ष की तैयारी शुरू कर दी है।
15 अगस्त से शुरू हुई घर-घर पदयात्रा शनिवार को अपने 22वें दिन में पहुंच गई। पदयात्रा में सैकड़ों महिला और पुरुष शामिल हुए और बिंदुखत्ता को जल्द राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग बुलंद की। इस दौरान ग्रामीणों से 27 सितंबर को भारी संख्या में शहीद स्मारक पहुंचने की अपील भी की गई।
शनिवार को पदयात्रा शांतिनगर स्थित नब्बे फीट चौराहे से शुरू हुई। इसके बाद यात्रा टूटी पुलिया बाजार, शांतिनगर गब्दा और ढाकानी रोड से होते हुए प्राइमरी स्कूल के पास स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर पहुंची। यहां रात्रि पड़ाव के दौरान भजन-कीर्तन के साथ ही वनाधिकार कानून को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री को फिर भेजा ज्ञापन
पदयात्रा के बाद राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी को लेकर उपजिलाधिकारी लालकुआं के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक और ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में विभिन्न जनप्रतिनिधियों के उन पत्रों को भी संलग्न किया गया है, जिनमें जिलास्तरीय वनाधिकार समिति द्वारा सर्वसम्मति से बिंदुखत्ता के राजस्व ग्राम के दावे को स्वीकृति दिए जाने के बाद शासन स्तर पर अधिसूचना जारी करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिलास्तरीय समिति में वन विभाग के डीएफओ समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे और समिति द्वारा दावे को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके बावजूद राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं होने से लोगों में निराशा और आक्रोश है।
ज्ञापन के साथ जिन जनप्रतिनिधियों के पत्र संलग्न किए गए हैं, उनमें सांसद अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी, वन मंत्री सुबोध उनियाल, कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी सहित कई पूर्व विधायक और मंत्रियों के पत्र शामिल बताए गए हैं।
स्थानीय कार्यकर्ताओं से पार्टियों पर दबाव बनाने की अपील
पदयात्रा के दौरान पूर्व सैनिक दीपक नेगी ने राजनीतिक दलों के स्थानीय कार्यकर्ताओं से अपनी-अपनी पार्टियों के भीतर बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग को मजबूती से उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दल समय-समय पर सत्ता में आते रहे हैं और बिंदुखत्ता की जनता को राजस्व ग्राम के मुद्दे पर लगातार आश्वासन दिए जाते रहे हैं। अब समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दलों के स्थानीय कार्यकर्ता अपनी पार्टियों के भीतर इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाएं।
दीपक नेगी ने कहा कि 27 सितंबर को होने वाली जनसभा के बाद तहसील लालकुआं तक निकाली जाने वाली विशाल रैली सरकार को यह संदेश देगी कि बिंदुखत्ता की जनता अब एकजुट होकर अपने अधिकार के लिए निर्णायक संघर्ष करने को तैयार है।
सैकड़ों ग्रामीण पदयात्रा में हुए शामिल
शनिवार की पदयात्रा में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, नंदन बोरा, दीपक रौतेला, ममता बिष्ट, संध्या डालाकोटी, जीवन पांडे, दौलत सिंह कोरंगा, रमेश गोस्वामी, मनोज कोरंगा, कुंदन सिंह कोरंगा, कुंवर सिंह पवार, भूपेश जोशी, गोपाल सिंह मेहता, नारायण कोरंगा, तारादत्त जोशी, गजेंद्र सिंह, जीवन गुसाईं, वीरेंद्र कोरंगा, हरीश जोशी, बंशीधर जोशी, ईश्वर सिंह दानू, नरेश सूंठा, लीला चंदोला, भागीरथी कन्याल, खष्टी कन्याल, गुड्डी दानू, ममता रावत, रेखा कोरंगा, कविता पांडा, सपना कोरंगा, हंसी गड़िया, गीता कोरंगा, निर्मला भट्ट, गोविंद गिरी, कुंवर सिंह जदौड़ा, भूपाल सिंह रावत, दीवान सिंह, पुष्कर भंडारी, भवान सिंह कठायत और सुंदर सिंह धानिक सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।








