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देहरादून- खनन विभाग ने राजस्व वसूली में रचा इतिहास, पहली तिमाही में ₹331.14 करोड़ की आय, CM धामी के भरोसे पर खरे उतरे निदेशक राजपाल लेघा, पारदर्शी प्रणाली बनी सफलता की कुंजी

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ₹331.14 करोड़ का ऐतिहासिक राजस्व अर्जित कर सभी पूर्ववर्ती रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह न केवल विभागीय इतिहास की सर्वाधिक तिमाही आय है, बल्कि यह राज्य सरकार के सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।

 

 

खनन निदेशक राजपाल लेघा की सक्रिय निगरानी और रणनीतिक प्रबंधन के चलते विभाग ने पारदर्शिता, राजस्व वृद्धि और अवैध खनन पर रोकथाम के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

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📊 महत्वपूर्ण आँकड़े:

🔹 2024 की पहली तिमाही में राजस्व: ₹215.32 करोड़

🔹 2025 की पहली तिमाही में राजस्व: ₹331.14 करोड़

🔹 वृद्धि: लगभग 54% की बढ़ोतरी

🔹 राजस्व लक्ष्य (2025-26): ₹1200 करोड़ (अनुमानित)

 

🗣️ प्रमुख उद्धरण:

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:
“खनन विभाग ने पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ जो उपलब्धि हासिल की है, वह उत्तराखंड के विकास मॉडल की दिशा में एक मजबूत कदम है। हम हर विभाग से इसी तरह की कार्यप्रणाली की अपेक्षा करते हैं।”

 

राजपाल लेघा, निदेशक खनन विभाग:
“हमने विभागीय प्रणाली को डिजिटाइज किया है, अवैध खनन पर निगरानी बढ़ाई है और लाइसेंस प्रक्रिया को सरल किया है। इस सफलता का श्रेय हमारी टीम, शासन के समर्थन और तकनीकी नवाचारों को जाता है।”

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🧭 सफलता के मुख्य कारण:

✅ e-Mining पोर्टल से पारदर्शी परमिट प्रक्रिया

✅ GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम का क्रियान्वयन

✅ जिला स्तर पर संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा निरीक्षण

✅ अवैध खनन पर 24×7 मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई