उत्तराखण्डकुमाऊं,

रामनगर में वफादारी की मिसाल: जर्मन शैफर्ड ने बाघ से भिड़कर बच्चे की जान बचाई, दी अपनी जान

रामनगर न्यूज़- कालाढूंगी थाना क्षेत्र के गेबुआ मदनपुर गांव में एक पालतू जर्मन शैफर्ड कुत्ते ने अद्भुत साहस और वफादारी का परिचय देते हुए एक बच्चे की जान बचा ली। इस दौरान कुत्ते को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है।

 

जानकारी के अनुसार, गेबुआ मदनपुर गांव निवासी रक्षित पांडे अपने पालतू जर्मन शैफर्ड कुत्ते के साथ खेत में गन्ना खाने गया था। इसी दौरान अचानक जंगल से निकलकर एक बाघ ने बच्चे पर हमला करने का प्रयास किया। बाघ को बच्चे की ओर बढ़ता देख जर्मन शैफर्ड ने बिना देर किए उसके सामने आकर बाघ से भिड़ंत कर ली। कुत्ते की इस बहादुरी से घबराकर बच्चा मौके से भागकर सुरक्षित अपने घर पहुंच गया।

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हालांकि, बाघ से मुकाबले में कुत्ता गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने खेत के पास कुत्ते का शव बरामद किया। बच्चे की जान बचाने के लिए कुत्ते की कुर्बानी से गांववाले भावुक हो उठे।

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ग्रामीण गोपाल दत्त पांडे, रेवाधर पांडे, हरिदत्त पांडे, विद्याधर पांडे, ओम पांडे, प्रेम बल्लभ जोशी, बंशीधर कांडपाल और मोहन पांडे ने बताया कि गांव के आसपास पहले भी कई बार बाघ की आवाजाही देखी जा चुकी है। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वे अपने बच्चों व पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

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सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों की मौजूदगी में कुत्ते के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की बात कही है।
यह घटना न केवल एक पालतू कुत्ते की वफादारी की मिसाल है, बल्कि वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीण इलाकों में उत्पन्न हो रहे खतरे की ओर भी गंभीर इशारा करती है।