उत्तराखण्डकुमाऊं,

बेटी के नाम से होगी घर की पहचान, पिथौरागढ़ में शुरू हुई अनोखी पहल “मेरी चेली म्यार घरै पछयांण

पिथौरागढ़ न्यूज़– जनपद में बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और लिंगानुपात में सुधार के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल शुरू की है। बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत “मेरी चेली म्यार घरै पछयांण” कार्यक्रम का शुभारंभ किया जा रहा है।

 

इस कार्यक्रम के तहत परिवार में बेटी के जन्म लेते ही उस घर की पहचान जन्म लेने वाली बेटी के नाम से की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संबंधित परिवार को बेटी के नाम की विशेष पट्टिका उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे घर के बाहर लगाया जाएगा। इस अनोखी पहल की शुरुआत कनालीछीना विकासखंड से की जा रही है।

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जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने बताया कि इस पहल से न केवल बालिका के नाम को सार्वजनिक पहचान मिलेगी, बल्कि समाज में यह संदेश भी जाएगा कि बेटियां परिवार की पहचान और गौरव हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में बालकों की तुलना में बालिकाओं का लिंगानुपात अपेक्षाकृत कम है, जो सामाजिक दृष्टि से चिंता का विषय रहा है।

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प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सकारात्मक और भावनात्मक पहल से बालिका जन्म के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदलेगा और कन्या भ्रूण हत्या जैसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों को लेकर भी जागरूकता बढ़ेगी।

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जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का प्रयास है। इसमें जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने विश्वास जताया कि “मेरी चेली म्यार घरै पछयांण” पहल जनपद में बेटियों के सम्मान और संरक्षण की दिशा में एक नई पहचान स्थापित करेगी।