हल्द्वानी में फर्जी टी-20 लीग के नाम पर लाखों की ठगी, पूर्व विधायक समेत कई लोग शिकार, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

हल्द्वानी में टी-20 क्रिकेट लीग कराने का सपना दिखाकर पूर्व विधायक समेत कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। EVCL (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) के नाम पर टीम खरीदने और स्पॉन्सरशिप दिलाने का झांसा देकर आयोजकों ने लोगों से मोटी रकम वसूली। गुरुवार सुबह आयोजक शहर के एक होटल से चेकआउट कर फरार होने लगे, तभी पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया।
मामले की जानकारी मिलने पर सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल और हरियाणा निवासी यूपी वॉरियर्स टीम ओनर हेमंत शर्मा ने एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी से मुलाकात कर लिखित तहरीर सौंपी। पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
10 साल बाद टी-20 लीग का दावा कर किया गया बड़ा प्रचार
आयोजकों ने गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में करीब 10 साल बाद टी-20 क्रिकेट लीग कराने का दावा किया था। शहरभर में होर्डिंग और बैनर लगाकर प्रचार किया गया कि 3 से 12 फरवरी तक टूर्नामेंट होगा, जिसमें रणजी, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
टीम और स्पॉन्सरशिप के नाम पर लाखों की वसूली
आयोजकों ने क्रिकेट टीम बेचने और स्पॉन्सरशिप दिलाने का झांसा देकर सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल से 5 लाख रुपये लिए। वहीं हरियाणा निवासी हेमंत शर्मा से यूपी वॉरियर्स टीम के नाम पर 23 लाख रुपये की रकम वसूल की गई।
कभी पार्टनर की मौत तो कभी नई तारीख का बहाना
3 फरवरी को आयोजक विकास ढाका ने कंपनी के एक पार्टनर की मौत का हवाला देकर लीग स्थगित कर दी। इसके बाद कभी 5 फरवरी तो कभी 15 दिन बाद टूर्नामेंट कराने की बात कही गई। मीडिया द्वारा सवाल उठाए जाने पर भी आयोजक स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
होटल से फरार होते समय आरोपी गिरफ्तार
इसी बीच गुरुवार सुबह आयोजक हल्द्वानी के एक प्रतिष्ठित होटल से चेकआउट कर फरार होने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मुख्य आयोजक विकास ढाका को हिरासत में ले लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
50 लाख रुपये तक की ठगी की आशंका
पुलिस जांच में सामने आया है कि टीम खरीदने और स्पॉन्सरशिप के नाम पर कुल 20 से 50 लाख रुपये तक की ठगी हो सकती है। आयोजकों ने स्टेडियम को 12.30 लाख रुपये में बुक कर करीब 2 लाख रुपये एडवांस भी जमा कराया था।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।








