उत्तराखण्डकुमाऊं,

हल्द्वानी में लावारिस कुत्तों से निजात की तैयारी, टनकपुर रोड पर बनेगा 200 क्षमता वाला डॉग शेल्टर

हल्द्वानी शहर में लगातार बढ़ रही लावारिस कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट की घटनाओं को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। टनकपुर रोड स्थित एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर परिसर में जल्द ही एक आधुनिक डॉग शेल्टर बनाया जाएगा, जिसमें एक साथ करीब 200 कुत्तों को रखा जा सकेगा। इसके लिए नगर निगम ने एक करोड़ रुपये से अधिक की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली है।

 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शासन द्वारा हाल ही में जारी की गई एसओपी के तहत सभी निकायों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। एसओपी के अनुसार शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल, खेल परिसर और अन्य संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों से निराश्रित पशुओं को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाना है। इसके साथ ही हर माह हटाए गए कुत्तों की रिपोर्ट शासन को सौंपना अनिवार्य किया गया है। इन स्थानों पर मौजूद लावारिस कुत्तों का चिह्नांकन कर उन्हें नजदीकी शेल्टर होम में स्थानांतरित किया जाएगा।

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इसी क्रम में हल्द्वानी नगर निगम हरकत में आया है और डॉग शेल्टर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम के अनुसार, शहर में वर्तमान में करीब 32 हजार लावारिस कुत्ते हैं। टनकपुर रोड स्थित नगर निगम के एकमात्र एबीसी सेंटर में अब तक लगभग 20 हजार कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है, लेकिन समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई है।

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डॉग बाइट के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। दिसंबर महीने में 4063 लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि जनवरी में अब तक 1936 लोग डॉग बाइट का शिकार हो चुके हैं। ये सभी लोग बेस अस्पताल में रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है।

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नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि शासन से एसओपी जारी होने के बाद डॉग शेल्टर के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। बजट की व्यवस्था होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। डॉग शेल्टर के निर्माण से न केवल संवेदनशील स्थानों को सुरक्षित बनाया जा सकेगा, बल्कि लावारिस कुत्तों की बेहतर देखभाल और नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।