उत्तराखण्डकुमाऊं,

हल्दूचौड़ महाविद्यालय के शोधार्थी अजीत कुमार सैनी ने पीएचडी मौखिकी परीक्षा की सफलतापूर्वक पूरी, डिजिटल शिक्षा पर शोध को मिली सराहना

हल्दूचौड़ स्थिति लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्दूचौड़ के शिक्षक-शिक्षा विभाग के शोधार्थी अजीत कुमार सैनी की पीएचडी की मौखिकी (वाइवा-वोसे) परीक्षा कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर, नैनीताल स्थित वाणिज्य एवं शिक्षा संकाय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

 

 

अजीत कुमार सैनी ने अपना शोधकार्य शिक्षक-शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) एल. एम. पांडे के निर्देशन में पूरा किया। उनके शोध का विषय “Digital Competence, Life Skills and Professional Commitment among Teacher Educators” रहा, जिसे वर्तमान समय के बदलते तकनीकी एवं शैक्षिक परिवेश में अत्यंत प्रासंगिक और समसामयिक माना गया।

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शोध में बताया गया है कि डिजिटल कॉम्पिटेंस, लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल कमिटमेंट प्रभावी शिक्षकों की प्रमुख विशेषताएं हैं। डिजिटल कॉम्पिटेंस शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण के लिए सक्षम बनाती है, जबकि लाइफ स्किल्स उन्हें व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सहायता करती हैं। वहीं, प्रोफेशनल कमिटमेंट शिक्षकों को उत्तरदायी, नैतिक तथा सतत सीखने के लिए प्रेरित करता है।

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शोध के अनुसार इन तीनों क्षेत्रों का सुदृढ़ विकास न केवल शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार कर पूरी शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। शोध के निष्कर्ष 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम और दक्ष शिक्षक तैयार करने में उपयोगी सिद्ध होंगे।

 

 

मौखिकी परीक्षा में बाह्य परीक्षक के रूप में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के शिक्षा विभाग से प्रोफेसर पी.के. पांडे ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीन प्रोफेसर अतुल जोशी ने की।

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इस अवसर पर डॉ. आरती पंत, डॉ. अशोक उप्रेती, डॉ. हेमचंद्र पांडे, डॉ. इंद्र मोहन पंत, दीपिका भट्ट, गिरीश तिवारी, सागर सिंह सरोला सहित अनेक प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। शोधार्थी अजीत कुमार सैनी की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।