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राशन के नमक पर उठे सवालों का हुआ अंत, केंद्रीय लैब में सैंपल पास; उत्तराखंड में फिर शुरू हुआ वितरण

उत्तराखंड में सरकारी राशन दुकानों के माध्यम से वितरित किए जा रहे आयोडीनयुक्त नमक में कथित मिलावट के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार की खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की जांच में नमक के सैंपल पूरी तरह मानकों पर खरे उतरे हैं। जांच में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं पाई गई। रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश में राशन की दुकानों के जरिए नमक का वितरण दोबारा शुरू कर दिया गया है।

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दरअसल, कुछ समय पहले प्रदेश के कई जिलों से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें दावा किया गया था कि राशन से मिलने वाले नमक को पानी में घोलने पर उसमें रेत जैसे कण दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में नमक की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

 

 

मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राज्यभर की विभिन्न तहसीलों से नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि जांच रिपोर्ट आने तक पूरे मामले की निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

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अब केंद्र सरकार की खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में सभी सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। जांच में नमक में किसी भी प्रकार की मिलावट की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद विभाग ने राशन दुकानों के माध्यम से नमक का वितरण फिर से शुरू करा दिया है।

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अपर आयुक्त पी.एस. पांगती ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच और निगरानी आगे भी जारी रहेगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।