उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- यहां सीजन की दूसरी बर्फबारी, पर्यटन और किसानों के लिए खुशखबरी

उत्तराखंड मौसम विभाग की भविष्यवाणी एक बार फिर सटीक साबित हुई है। विभाग द्वारा पहले से जारी भारी बारिश और बर्फबारी के अलर्ट के बाद बुधवार को चकराता क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की दूसरी बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी से जहां पहाड़ों की खूबसूरती और बढ़ गई, वहीं पर्यटन व्यवसाय, स्थानीय कारोबारियों, किसानों और बागवानों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

 

बुधवार सुबह से ही चकराता क्षेत्र में आसमान में काली घटाएं छाई रहीं और निचले इलाकों में हल्की बारिश होती रही। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और लोखंडी, कोटी-कानासर, देवबन, मोहिला टॉप, जाड़ी, बनियाना सहित जौनसार-बावर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई। देखते ही देखते पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया, जिससे सैलानियों को सर्दियों का असली आनंद लेने का मौका मिला।

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स्थानीय निवासियों रोहन राणा, दिनेश चौहान, निखिलेश चौहान, रमेश चौहान, सुरेश पंवार और कुंवर सिंह राणा ने बताया कि इससे पहले 23 जनवरी को क्षेत्र में जोरदार बर्फबारी हुई थी। अब सीजन की दूसरी बर्फबारी होने से पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है।

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बर्फबारी का सबसे बड़ा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। होटल, होमस्टे, रिजॉर्ट और रेस्टोरेंट कारोबारियों के अनुसार पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बर्फ देखने के लिए दूर-दराज से सैलानी चकराता पहुंच रहे हैं, जिससे बाजारों में भी रौनक लौट आई है।

 

किसानों और बागवानों के लिए भी यह बर्फबारी राहत लेकर आई है। स्थानीय काश्तकारों का कहना है कि समय पर हुई बर्फबारी से फसलों और बागवानी को अच्छा लाभ मिलेगा तथा जमीन में नमी बनी रहेगी, जिससे रबी की फसलों को फायदा होगा।

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मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने और हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में चकराता क्षेत्र एक बार फिर शीतकालीन पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता नजर आ रहा है।