देहरादून में खनन माफियाओं का आतंक: अवैध खनन रोकने पहुंचे एसडीओ को हाईवे पर घेरकर पीटा, VIDEO वायरल

देहरादून न्यूज़– उत्तराखंड में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे वन विभाग के एसडीओ पर खनन माफियाओं ने बीच हाईवे पर हमला कर दिया। चकराता वन प्रभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को 20 से अधिक लोगों ने घेरकर मारपीट की। घटना का 37 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भीड़ द्वारा अधिकारी को घेरकर पीटते हुए देखा जा सकता है। जान बचाने के लिए एसडीओ को मौके से भागना पड़ा।
घेरकर की मारपीट, कॉलर पकड़कर धक्का दिया
घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की है। एसडीओ राजीव नयन नौटियाल अपने कार्यालय कालसी से विकासनगर लौट रहे थे। हरिपुर/कालसी पुल पार करते समय उन्होंने यमुना नदी क्षेत्र में एक डंपर को अवैध खनन सामग्री भरकर निकलते देखा। यह क्षेत्र चकराता वन प्रभाग का संरक्षित इलाका है, जहां खनन प्रतिबंधित है।
एसडीओ ने डंपर की फोटो और वीडियो बनानी शुरू की। आरोप है कि इसी दौरान खनन से जुड़े लोगों ने उन्हें घेर लिया। पहले गाली-गलौज की गई, फिर कॉलर पकड़कर धक्का दिया गया और सड़क किनारे ले जाकर लात-घूंसे और थप्पड़ों से हमला किया गया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि भीड़ के बीच अधिकारी खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़ते नजर आते हैं।
मोबाइल छीना, गाड़ी चढ़ाने की कोशिश
एफआईआर के मुताबिक, एक आरोपी ने एसडीओ का मोबाइल फोन छीनकर सड़क पर पटक दिया। जब अधिकारी ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो अन्य लोग वाहन (UK07AQ8213) में मौके पर पहुंचे और आरोपी को जबरन बैठाकर ले जाने लगे।
अधिकारी ने वाहन रोकने की कोशिश की तो चालक ने उनकी ओर गाड़ी बढ़ा दी। जान बचाने के लिए उन्होंने डंडे से वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने बाहर निकलकर उन्हें धक्का दिया और डंडे से वार किया। भीड़ में शामिल अन्य लोगों ने भी मारपीट की।
इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
एसडीओ की तहरीर पर कोतवाली विकासनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में मनीष पुत्र दान सिंह, प्रदीप नेगी (वाहन चालक/स्वामी UK07AQ8213), मजराम शर्मा समेत अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। साथ ही डंपर (UK07BQ6413) को अवैध खनन में प्रयुक्त बताया गया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक संदीप पंवार को सौंपी है। घटना के बाद एसडीओ का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
एसडीओ बोले – “घेरकर पीटा, कोई मदद नहीं मिली”
वही एसडीओ राजीव नयन नौटियाल ने कहा कि टोंस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। निरीक्षण के दौरान जैसे ही उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया, उन्हें घेरकर पीटा गया।
उन्होंने कहा, “हाईवे पर मुझे जिस तरह पीटा गया, वह बेहद शर्मनाक है। उस समय मुझे कोई प्रभावी मदद नहीं मिल पाई।”
एसडीओ ने जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।
खनन माफिया की ओर से क्रॉस मुकदमा
मामले में खनन पक्ष की ओर से भी एसडीओ के खिलाफ क्रॉस मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि अधिकारी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है।
SOP जारी, फिर भी हमले
गौरतलब है कि 24 फरवरी को उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एसओपी जारी की थी। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
हालांकि, देहरादून की इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या जमीन पर इन निर्देशों का पालन हो पा रहा है या नहीं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वीडियो वायरल होने के बाद घटना ने प्रदेश में अवैध खनन और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।








