उत्तराखंड में जनगणना की तारीखों में नहीं होगा बदलाव, 1 दिसंबर से शुरू होगा काम; 16 नवंबर से मिलेगी स्व-गणना की सुविधा

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में जनगणना को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति के बीच राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रदेश में जनगणना का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम यथावत रहेगा। जनगणना की तारीखों में न तो कोई बदलाव किया गया है और न ही इसे स्थगित किया गया है। निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक जनगणना का कार्य कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में नागरिकों को 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा दी जाएगी। इस दौरान लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद एक दिसंबर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनगणना का कार्य शुरू होगा।
नई अधिसूचना से पैदा हुआ था भ्रम
निदेशक जनगणना ने कहा कि जनगणना को लेकर जारी नई राजपत्र अधिसूचना को उत्तराखंड के कार्यक्रम से जोड़कर देखना सही नहीं है। भारत के अन्य गैर-निर्वाचन राज्यों के लिए जारी इस अधिसूचना के संबंध में प्रसारित खबरों के कारण आमजन के बीच जनगणना की तारीखों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड के लिए पहले से निर्धारित समय-सारिणी में कोई बदलाव नहीं हुआ है और प्रदेश में जनगणना का कार्य तय कार्यक्रम के अनुसार ही संपन्न कराया जाएगा।
भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील
निदेशक जनगणना ने नागरिकों और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि जनगणना की तारीखों को लेकर फैल रही किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। जनगणना से जुड़ी सही जानकारी और आधिकारिक कार्यक्रम के लिए केवल अधिकृत माध्यमों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।










