उत्तराखण्डकुमाऊं,गढ़वाल,

उत्तराखंड निकाय चुनाव 2024- निकायों की आपत्तियों का हुआ निपटारा, इस सप्ताह प्रदेश में लागू हो सकती है आचार संहिता

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड के 100 नगर निकायों में मेयर, अध्यक्ष से लेकर वार्डों की आपत्तियों का निपटारा रविवार को देर रात तक कर दिया गया। इसके साथ ही शहरी विकास निदेशालय ने दोनों रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब इसका अध्ययन करके शासन निकायों की अंतिम अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद निर्वाचन आयोग को चुनाव का प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।

 

 

निकाय चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं। शनिवार को देर रात तक काम करने के बाद शहरी विकास निदेशालय ने मेयर, नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण पर आई आपत्तियों का निपटारा करके शासन को रिपोर्ट भेज दी। रविवार को सभी जिलों के साथ ही शहरी विकास निदेशालय भी रोजमर्रा की तरह खुला रहा।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून- रिटायर पीसीएस अफसर डीपी सिंह के ठिकानों पर ईडी का छापा, उत्तराखंड के सबसे बड़े घोटालों में है नाम, पढ़े खबर

 

 

दिनभर जिलों से निकायों की वार्डवार आपत्तियों के निपटारे के बाद की रिपोर्ट आती रहीं। खबर लिखे जाने तक देहरादून, अल्मोड़ा और हरिद्वार को छोड़कर बाकी सभी जिलों की रिपोर्ट निदेशालय को मिल चुकी थीं। निदेशालय के अफसरों ने बताया कि देर रात तक सभी जिलों की रिपोर्ट प्राप्त करके शासन को भेज दी जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- कुमाऊं के सबसे बड़े कॉलेज MBPG में छात्र संघ चुनाव के नाम पर बना अराजकता का अड्डा

 

इन दोनों रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद शासन अंतिम अधिसूचना जारी करेगा। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव का प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। इसके बाद आयोग चुनाव का कार्यक्रम तैयार करके शासन के संज्ञान के लिए भेजेगा और फिर हरी झंडी मिलते ही चुनाव की अधिसूचना जारी कर देगा। माना जा रहा है कि इस सप्ताह में प्रदेश में निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: नैनीताल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, डीएम ने अधिकारियों को किया हाई अलर्ट; 24 घंटे तैनात रहेंगी जेसीबी मशीनें

 

 

शहरी विकास निदेशालय ने जिस नियमावली के तहत आरक्षण रोस्टर बनाकर अनन्तिम अधिसूचना जारी की थी, उसके मुताबिक ही आपत्तियों को परखने के बाद उनका निपटारा किया गया। इसके तहत ही रिपोर्ट तैयार की गई है। इसी प्रकार जिलाधिकारियों ने भी अपने स्तर से नियमावली के तहत आपत्तियों की सुनवाई और निपटारा किया है।