उत्तराखण्डउधम सिंह नगरकुमाऊं,

उत्तराखंड- यहाँ बैंक में फर्जी नो ड्यूज सर्टिफिकेट बनाकर हड़प लिए 26 लाख रुपये, पति-पत्नी समेत तीन पर हुआ मुकदमा दर्ज।

रुद्रपुर न्यूज़- यहाँ कोटक महिंद्रा बैंक से 26 लाख का कृषि भूमि लोन लेकर उसे नहीं चुकाया गया। जब बैंक ने जांच की तो पता चला कि फर्जी नो ड्यूज सर्टिफिकेट बनाकर बैंक में बंधक रखी गई भूमि को बंधक मुक्त कर दिया। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, अब आरोपियों का लोन ब्याज समेत 87 लाख हो गया है। इसकी शिकायत पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पति-पत्नी समेत तीन पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार कोटक महिंद्रा बैंक के लीगल मैनेजर भानु प्रताप सिंह ने कोर्ट को सौंपे शिकायती पत्र में कहा था कि कोटक महिंद्रा बैंक में आईएनजी वैश्य बैंक का विलय हो गया था। आईएनजी वैश्य बैंक की शाखा रुद्रपुर से मोहल्ला रामलीजा बहेड़ी बरेली निवासी शशि लता पत्नी पवन सिंह और पवन सिंह पुत्र नत्थू सिंह ने 31 जनवरी 2014 को 26 लाख का कृषि ऋण लिया था, जिसमें पवन सिंह के भाई मोहन सिंह गारंटर थे।

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ऋण अनुबंध के अनुसार, शशि लता एवं पवन सिंह को बैंक से लिया गया ऋण समय पर ब्याज सहित किश्तों में चुकता कर बैंक से नोड्यूज प्रमाण / डिस्चार्ज प्रमाण पत्र प्राप्त कर बंधक रखी अपनी कृषि भूमि से बैंक का चार्ज भार मुक्त कराना था। बावजूद इसके उन्होंने लोन नहीं चुकाया।

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31 मार्च 2017 को ऋण खाता एनपीए हो गया, जब बैंक कर्मियों ने बैंक के पक्ष में बंधक की गई कृषि भूमि के राजस्व अभिलेखों का ऑनलाइन सत्यापन किया तो पता चला कि बंधक कृषि भूमि में बहेड़ी जिला बरेली के अभिलेखों (खतौनी) में बैंक का चार्ज दर्ज नहीं है।

इस दौरान पता चला कि शशि लता एवं पवन सिंह व लोन के गारंटर माेहन सिंह ने धोखाधड़ी कर बैंक से लिए गए ऋण को हड़पने की नीयत से कृषि ऋण का एक फर्जी नो ड्यूज सर्टिफिकेट बनाकर उसे बैंक द्वारा प्रदत्त असली नो ड्यूज सर्टिफिकेट की तरह प्रयोग कर उसे तहसील कार्यालय बहेड़ी जिला बरेली में दाखिल कर तहसील कर्मियों की मिलीभगत से बैंक के पक्ष में बंधक की गई कृषि भूमि को बंधक मुक्त करा लिया है, जबकि शशि लता, पवन सिंह एवं मोहन सिंह पर बैंक का 87,72,222 रुपये का बकाया है। 

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इसकी तहरीर पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। वही कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है।