उत्तराखण्डकुमाऊं,

उत्तराखंड- यहाँ बाघ का कहर: जंगल में पशु चराने गए बुजुर्ग को बनाया शिकार, इलाके में दहशत

खटीमा/ऊधम सिंह नगर– उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद से एक बार फिर मानव–वन्यजीव संघर्ष की दर्दनाक घटना सामने आई है। खटीमा क्षेत्र के सुरई वन रेंज अंतर्गत बग्गा चौवन इलाके में जंगल में पशु चराने गए एक बुजुर्ग को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

 

मृतक की पहचान राम सिंह कन्याल (69) के रूप में हुई है। वह रविवार सुबह रोज की तरह पशुओं को चराने जंगल गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा की गई तलाश के दौरान जंगल में उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव का पिछला हिस्सा बाघ द्वारा खाया हुआ पाया गया।

 

 

सुबह जंगल गए, शाम तक नहीं लौटे
मृतक के पड़ोसी जीवन सिंह ने बताया कि राम सिंह कन्याल रविवार सुबह करीब 10 बजे जंगल गए थे। शाम करीब 4 बजे पशु तो वापस लौट आए, लेकिन राम सिंह घर नहीं पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की।

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जैकेट और घसीटने के निशान मिले
अंधेरा होने के कारण ग्रामीण ट्रैक्टर की मदद से जंगल में तलाश करने पहुंचे। इस दौरान पहले बुजुर्ग की जैकेट मिली और आगे बढ़ने पर बाघ द्वारा घसीटने के निशान दिखाई दिए। निशानों का पीछा करने पर राम सिंह का शव मिला। ग्रामीणों ने घटनास्थल के पास दो बाघों को भी देखा, जो लोगों को देख जंगल की ओर भाग गए।

 

 

पुलिस ने कराया पोस्टमॉर्टम
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए खटीमा अस्पताल भेजा। सोमवार दोपहर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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वन विभाग ने लगाए ट्रैप कैमरे
सुरई वन रेंज के रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से फिलहाल जंगल की ओर न जाने की अपील की गई है।

 

 

उन्होंने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की अनुमति उच्च अधिकारियों से मांगी गई है। साथ ही मृतक के परिजनों को वन अधिनियम के तहत मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

विधायक भुवन कापड़ी ने जताया शोक
घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी सोमवार को मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

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विधायक कापड़ी ने कहा कि वन क्षेत्र से सटे गांवों की सीमा से एक किलोमीटर के दायरे में फेंसिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि जंगली जानवर गांवों में प्रवेश न कर सकें। उन्होंने मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की भी मांग की।

 

 

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि इससे पहले नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक के खुटियाखाल गांव में गुलदार के हमले में एक महिला की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने राज्य में मानव–वन्यजीव संघर्ष को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।