हल्द्वानी- “गैस नहीं, सिलिंडर से निकला पानी! महिला रह गई हैरान, जांच शुरू

हल्द्वानी न्यूज़- उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में गैस सिलिंडर से गैस की जगह पानी निकलने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। घटना के बाद उपभोक्ता के होश उड़ गए। महिला ने सिलिंडर से पानी निकलने का वीडियो बनाकर गैस एजेंसी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एजेंसी ने सिलिंडर बदल दिया और मामले की जांच के लिए कंपनी को पत्र भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार देवलचौड़ खाम स्थित मां भवानी कॉलोनी फेज-3 निवासी विमला देवी ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पहले नया गैस सिलिंडर लगाया था। मंगलवार को खाना बनाते समय अचानक सिलिंडर बंद हो गया। जब सिलिंडर की जांच की गई तो उसके वाल्व से पानी का तेज फव्वारा निकलने लगा। यह देखकर परिवार के लोग भी हैरान रह गए। महिला ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सुरक्षित रखा।
विमला देवी ने बताया कि करीब चार महीने पहले उन्होंने अपना भारत गैस कनेक्शन शाहजहांपुर से हल्द्वानी स्थानांतरित कराया था। स्थानांतरण के दौरान उन्हें दो सिलिंडर दिए गए थे। इनमें से दूसरा सिलिंडर तीन दिन पहले इस्तेमाल में लिया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या सामने आ गई।
शिकायत मिलने के बाद रामपुर रोड स्थित ज्वाला गैस एजेंसी ने डिलीवरी कर्मी को नया सिलिंडर लेकर भेजा। मौके पर खराब सिलिंडर बदल दिया गया और मामले की जानकारी गैस कंपनी को भेजते हुए जांच की मांग की गई है।
कोरोना काल में भी सामने आए थे ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब सिलिंडर में पानी मिलने की शिकायत सामने आई हो। दिसंबर 2020 में कोरोना काल के दौरान हल्द्वानी में 45 से अधिक ऐसे मामले दर्ज हुए थे। उस समय नवाबी रोड, कुसुमखेड़ा, रानीबाग, दमुवाढूंगा, गौजाजाली, ऊंचापुल ग्रामीण क्षेत्र, पनियाली और रामपुर रोड सहित कई इलाकों से शिकायतें मिली थीं।
जानकारों के अनुसार अवैध रूप से गैस भरने वाले कुछ लोग खाली सिलिंडर का नोजल खोलकर उसमें आधे हिस्से तक पानी भर देते हैं। इसके बाद ऊपर से गैस भरकर सिलिंडर को दोबारा सील जैसा दिखाने की कोशिश की जाती है। हालांकि इस मामले में अभी जांच जारी है और वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अधिकारी ने क्या कहा?
खाद्य पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने बताया कि गैस सिलिंडरों की समय-समय पर जांच की जाती है। शिकायत मिलने पर संबंधित उपभोक्ता का सिलिंडर बदल दिया गया है। साथ ही गैस एजेंसी की ओर से कंपनी को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है।








