उत्तराखंड- यहां जमानत मिलने के कुछ घंटे बाद फंदे से लटका मिला युवक, सिम प्रकरण में पुलिस कार्रवाई के बाद मौत से मचा हड़कंप

पिथौरागढ़ न्यूज- सीमांत क्षेत्र धारचूला में सिम कार्ड प्रकरण में पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे 22 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दो दिन पहले एसओजी और धारचूला पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए संतोष प्रसाद बगोली को गुरुवार को जमानत मिली थी। जमानत के बाद वह गर्व्यालखेड़ा स्थित अपने किराए के कमरे में पहुंचा। देर रात उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
संतोष की मौत के बाद परिजनों ने उसे सिम प्रकरण में फंसाए जाने का आरोप लगाया है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया और उसकी मौत का पुलिस कार्रवाई से कोई सीधा संबंध था या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकेंगी।
कुछ समय पहले शुरू किया था सिम बेचने का काम
ग्राम सेली जुम्मा निवासी संतोष प्रसाद बगोली ने कुछ समय पहले ही सिम कार्ड बेचने का काम शुरू किया था। वह धारचूला के गर्व्यालखेड़ा में किराए के कमरे में अकेला रहता था।
फर्जी आईडी से सिम एक्टिवेट करने का आरोप
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी और सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी और धारचूला पुलिस की संयुक्त टीम ने दो दिन पहले कार्रवाई की थी। पुलिस ने आरोप लगाया कि संतोष फर्जी आईडी के आधार पर सिम कार्ड एक्टिवेट कर उन्हें बेच रहा था।
कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से तीन प्री-एक्टिवेटेड वीआई सिम कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। मामले में कोतवाली धारचूला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को मिली जमानत
पुलिस कार्रवाई के बाद संतोष को गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार को उसे जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद वह वापस गर्व्यालखेड़ा स्थित अपने किराए के कमरे में पहुंच गया। इसके कुछ ही समय बाद देर रात उसकी मौत की सूचना सामने आई।
कमरे में फंदे से लटका मिला शव
गुरुवार देर रात 112 के माध्यम से पुलिस को युवक के कमरे में फंदे से लटके होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कमरे में संतोष का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
परिजनों ने लगाया फंसाने का आरोप
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। परिवार ने आरोप लगाया कि संतोष को सिम प्रकरण में फंसाया गया था। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों में संतोष ने इतना बड़ा कदम उठाया।
परिजनों ने जांच पूरी होने तक शव को हाथ नहीं लगाने की बात भी कही। उनका कहना था कि यदि युवक के साथ किसी स्तर पर गलत हुआ है तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था संतोष
परिजनों के मुताबिक संतोष के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार में दो भाई और दो बहनें हैं। पिता की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी संतोष के कंधों पर थी। उसकी अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
कोतवाली प्रभारी एके सिंह के अनुसार गुरुवार देर रात 112 के माध्यम से युवक के कमरे में फंदे से लटके होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जांच में इन सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस
संतोष की मौत के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। सिम मामले में कार्रवाई के बाद उसकी स्थिति कैसी थी? जमानत मिलने के बाद कमरे में उसके साथ क्या हुआ? और क्या उसकी मौत का सिम प्रकरण से कोई सीधा संबंध था?
फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में अहम होगी।








