उत्तराखण्डकुमाऊं,

धामी सरकार के खिलाफ बिगड़े बोल, अब मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर प्रशासन ने जड़ा ताला

उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता को लेकर धामी सरकार की सख्ती के बीच उधम सिंह नगर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रुद्रपुर के त्रिशूल चौक क्षेत्र में स्थित मौलाना मुफ्ती मुजीब से जुड़े मदरसे को प्रशासन ने सील कर दिया है। जिला प्रशासन के अनुसार, मदरसा आवश्यक मान्यता के बिना संचालित किया जा रहा था।

 

 

जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने बताया कि मौलाना मुफ्ती मुजीब का मदरसा फैजुल मुस्तफा है, जिसमें वह प्राचार्य के पद पर हैं। प्रशासन की जांच में मदरसा मान्यता प्राप्त नहीं पाया गया, जिसके बाद उसे सील करने की कार्रवाई की गई।

 

 

मान्यता के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं होने पर कार्रवाई

प्रशासन ने एक अन्य मदरसे जामियातुल हसनात पर भी कार्रवाई की है। बताया गया कि यह मदरसा जाहिद राजा से संबंधित है। जांच के दौरान मदरसे के पास मान्यता के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए गए, जिसके बाद प्रशासन ने इसे भी सील कर दिया।

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गौरतलब है कि उत्तराखंड में धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत प्रदेश में संचालित मदरसों के लिए संबंधित प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार मान्यता लेना आवश्यक किया गया है। सरकार की इस कार्रवाई और नियमों को लेकर प्रदेश में कई मौलाना और मुफ्ती लामबंद होते दिखाई दे रहे हैं।

 

 

उधम सिंह नगर के 60 मदरसे प्रशासन की नजर में

उधम सिंह नगर जिले में कुल 118 मदरसे बताए जा रहे हैं। इनमें से पांच मदरसे पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि करीब 60 मदरसों ने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। अन्य मदरसों ने मान्यता प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।

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अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, पूर्व में मदरसा बोर्ड में पंजीकृत 452 मदरसों को अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि करीब 200 मदरसों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनका स्पॉट सर्वे कराया जा रहा है। जो मदरसे निर्धारित नियमों के अनुसार मान्यता नहीं लेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद किया जा सकता है।

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नियमों का पालन हर हाल में कराया जाएगा: सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में सरकार द्वारा बनाए गए कानून और नियमों का पालन हर हाल में कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि शिक्षा संस्थानों को निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों के तहत ही संचालित होना होगा।

 

 

रुद्रपुर में हुई यह कार्रवाई अब जिले के उन मदरसों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिन्होंने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजर बनी हुई है।