1 सितंबर से जेब पर सीधा असर! दूध और सिलेंडर महंगे, कार खरीदना भी हुआ महंगा, लागू हुए 5 बड़े बदलाव

नई दिल्ली- सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जेब पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। 1 सितंबर 2026 से दूध की कीमतों में बढ़ोतरी, एलपीजी सिलेंडर के नए रेट, कारों की कीमतों में इजाफा और यात्रा से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं, करदाताओं के लिए भी सितंबर में कई महत्वपूर्ण डेडलाइन हैं।
1. दूध हुआ महंगा
मुंबई में ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है। खुदरा बाजार में इसका असर पड़ने से उपभोक्ताओं को दूध के लिए और अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
2. एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े
सितंबर की शुरुआत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में करीब 9.50 रुपये तक का इजाफा हुआ है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का खर्च बढ़ सकता है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं को अपने शहर के ताजा रेट जरूर जांचने चाहिए।
3. कार खरीदना हुआ महंगा
कार खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी सितंबर की शुरुआत महंगी साबित हो सकती है। टाटा और हुंडई समेत कुछ वाहन कंपनियों ने 1 सितंबर से अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। ऐसे में नई कार खरीदने वालों को पहले की तुलना में ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
4. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए बदला नियम
विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरा बदलाव भी लागू हुआ है। अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर अपने बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंटेड बोर्डिंग पास के माध्यम से इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
5. टैक्स और अन्य वित्तीय डेडलाइन पर रखें नजर
सितंबर महीने में करदाताओं और कारोबारियों के लिए कई महत्वपूर्ण टैक्स और जीएसटी डेडलाइन हैं। टीडीएस/टीसीएस भुगतान, जीएसटी रिटर्न और एडवांस टैक्स की किस्त सहित कई जरूरी तिथियां इसी महीने पड़ रही हैं। समय पर अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना या अन्य परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर 1 सितंबर से लागू हुए इन बदलावों का असर आम आदमी के घरेलू बजट से लेकर यात्रा, कारोबार और कार खरीदने की योजना तक पर पड़ सकता है। हालांकि एलपीजी और अन्य वस्तुओं के दाम अलग-अलग शहरों में भिन्न हो सकते हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर ताजा कीमतों की जांच करनी चाहिए।







