फर्जी TET-1 प्रमाण पत्र से हासिल की सरकारी नौकरी, अल्मोड़ा में तीन शिक्षक बर्खास्त; कानूनी कार्रवाई की तैयारी

अल्मोड़ा न्यूज़- कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वाले तीन प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विकासखंड भैसियाछाना के तीन प्राथमिक विद्यालयों में तैनात सहायक अध्यापकों के शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-1) के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। विभाग ने तीनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई भी प्रस्तावित की है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रारंभिक शिक्षा अल्मोड़ा की ओर से सहायक अध्यापक प्राथमिक के पदों पर भर्ती के लिए सात नवंबर को विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया में भूपेंद्र कुमार पुत्र प्रताप राम, निवासी ग्राम एवं पोस्ट खड़की, जिला पिथौरागढ़; अंजना ग्वासीकोटी पुत्री विष्णु प्रसाद ग्वासीकोटी, निवासी तल्ला पानी, जिला पिथौरागढ़; और प्रियांशु चंद पुत्र नंदन प्रसाद, निवासी कुमाऊं कॉलोनी, दमुवाढूंगा, जिला नैनीताल ने हिस्सा लिया था।
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों अभ्यर्थियों को 27 जनवरी 2026 को नियुक्ति दे दी गई। भूपेंद्र कुमार की नियुक्ति राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुनखेत नवीन, अंजना ग्वासीकोटी की प्राथमिक विद्यालय बौड़ा और प्रियांशु चंद की राजकीय प्राथमिक विद्यालय बूढ़ाधौर में की गई।
बोर्ड रिकॉर्ड में नहीं मिला प्रमाण पत्र का कोई रिकॉर्ड
मामला तब सामने आया जब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया। परिषद की छह जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार तीनों शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में दर्ज अनुक्रमांक परिषद की ओर से कभी जारी ही नहीं किए गए थे। बोर्ड की मूल सारणीयन पंजिका में भी तीनों अभ्यर्थियों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
जांच के दौरान प्रमाण पत्रों पर मौजूद क्यूआर कोड भी फर्जी और कूटरचित पाए गए। इसके बाद विभागीय जांच समिति ने 14 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच समिति ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति हासिल करने के आरोपों को सही पाया।
नोटिस के बाद भी नहीं पेश कर सके वैध साक्ष्य
जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने तीनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस के जवाब में तीनों आरोपित शिक्षकों की ओर से अपने बचाव में कोई वैध साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों और बीमारी का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा और त्यागपत्र स्वीकार करने का अनुरोध किया।
हालांकि, फर्जी प्रमाण पत्र के संबंध में कोई वैध साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद विभाग ने तीनों की सेवाएं समाप्त कर दीं।
तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित
जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा अल्मोड़ा डॉ. रवि मेहता ने बताया कि कूटरचित प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले तीनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई प्रस्तावित कर दी गई है।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।










