हरेला के दिन परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, लालकुआं में तेज रफ्तार दूध के कैंटर की चपेट में आने से पूर्व सैनिक की मौत

लालकुआँ न्यूज़– हरेला पर्व के दिन लालकुआं क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। हल्दूचौड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर तेज रफ्तार दूध के कैंटर की चपेट में आने से 77 वर्षीय पूर्व सैनिक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, हल्दूचौड़ के पेशकारपुर निवासी हरीश चंदोला (77) गुरुवार सुबह रोज की तरह दूध लेकर अपने घर लौट रहे थे। सांवरिया बैंक्वेट हॉल के सामने जैसे ही वह हाईवे पार करने लगे, तभी हल्द्वानी की ओर से तेज गति से आ रहे दूध के कैंटर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि कैंटर पूर्व सैनिक को करीब 10 से 15 मीटर तक सड़क पर घसीटता हुआ ले गया। गंभीर चोटों के कारण उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि हरीश चंदोला अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिवार पहले ही एक बड़ी त्रासदी झेल चुका है। करीब चार वर्ष पहले उनकी एक बेटी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। अब परिवार के मुखिया के निधन से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही लालकुआं पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल दूध के कैंटर को कब्जे में ले लिया है। चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








