उत्तराखण्डकुमाऊं,

प्रशासन अलर्ट, ग्रामीण तैयार: बिंदुखत्ता मुद्दे पर 18 को बड़ा प्रदर्शन”

लालकुआं न्यूज़– बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा 18 फरवरी को लालकुआं तक प्रस्तावित जुलूस, प्रदर्शन और जनसभा की तैयारियां जोरों पर हैं। एक ओर जहां ग्रामीण आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर जिला पुलिस-प्रशासन भी कार्यक्रम के वृहद स्वरूप को देखते हुए सतर्क हो गया है।

 

इसी क्रम में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्थाओं और भीड़ नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में आंदोलन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों के बीच कार्यक्रम की रूपरेखा भी तय की गई।

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संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के दौरान जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद जड़ सेक्टर स्कूल परिसर में जनसभा आयोजित की जाएगी और फिर लालकुआं तहसील में धरना दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संचालित किया जाएगा।
भीड़ प्रबंधन के लिए समिति ने लगभग 200 वालंटियर नियुक्त किए हैं, जिनमें पूर्व सैनिक भी शामिल रहेंगे। पदाधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी आंदोलन में भाग ले रहे हैं, इसलिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दो एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।

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बैठक में पुलिस-प्रशासन की ओर से एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कत्याल, सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी एपी बाजपेई, उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार, तहसीलदार कुलदीप पांडे और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह राणा मौजूद रहे।

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वहीं संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से संयोजक इंद्र सिंह पनेरी, कुंदन सिंह मेहता, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, वनाधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, हरीश बिसौती, प्रभात पाल, प्रकाश मिश्रा, उमेश चंद्र भट्ट, पुष्कर सिंह दानू, गुरदयाल सिंह मेहरा सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

अब 18 फरवरी को होने वाले इस आंदोलन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।