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देहरादून- जनगणना अधिसूचना जारी होते ही उत्तराखंड की सीमाएं सील, अब नहीं बदलेगी किसी जिले-तहसील की सीमा

16 फरवरी से प्रशिक्षण शुरू, 25 अप्रैल से मकान सूचीकरण; बर्फबारी वाले क्षेत्रों में सितंबर में होगी गणना

देहरादून न्यूज़- केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जनगणना की अधिसूचना जारी होने के साथ ही उत्तराखंड की प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं सील हो गई हैं। अब जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रदेश में किसी भी जिले, तहसील, निकाय, पंचायत या वार्ड की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

 

अधिसूचना के बाद राज्य सरकार न तो नए नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायतों का गठन कर सकेगी और न ही किसी गांव को नगर निकाय क्षेत्र में शामिल किया जा सकेगा। जनगणना के सटीक और त्रुटिरहित आंकड़ों के लिए सीमाओं का स्थिर रहना अनिवार्य माना गया है। यदि इस दौरान सीमाओं में बदलाव किया जाता है तो जनसंख्या के आंकड़ों में गड़बड़ी और डाटा मिसमैच की स्थिति बन सकती है। हालांकि, सार्वजनिक सुविधाओं और सामान्य सरकारी कार्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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तीन चरणों में होगी जनगणना
उत्तराखंड में जनगणना तीन चरणों में संपन्न कराई जाएगी—

  • पहला चरण (25 अप्रैल से 24 मई 2026): मकान सूचीकरण एवं गणना
  • दूसरा चरण (11 से 30 सितंबर 2026): स्नोबाउंड (बर्फबारी वाले) क्षेत्रों में जनगणना
  • तीसरा चरण (09 से 28 फरवरी 2027): अन्य क्षेत्रों में देशभर के साथ जनगणना
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बर्फबारी वाले क्षेत्रों में गणना सितंबर में इसलिए कराई जाएगी, क्योंकि सर्दियों के दौरान इन क्षेत्रों के लोग अन्य स्थानों पर पलायन कर जाते हैं।

 

16 फरवरी से शुरू होगा प्रशिक्षण
जनगणना कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 16 फरवरी से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत 23 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रदेशभर में 555 कर्मचारियों को फील्ड ट्रेनर के तौर पर तैयार किया जाएगा।

 

ये फील्ड ट्रेनर करीब 4,000 कर्मचारियों को सुपरवाइजर के रूप में प्रशिक्षित करेंगे, जबकि कुल मिलाकर लगभग 30,000 कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। 25 मार्च से 7 अप्रैल के बीच इन कर्मचारियों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण पूरा कराया जाएगा। प्रत्येक बैच में 40 कर्मचारियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश की सीमाएं सील हो चुकी हैं और जनगणना पूर्ण होने तक इनमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।