त्योहारी सीजन से पहले GST विभाग का बड़ा एक्शन, रुद्रपुर-किच्छा में 5 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी; 21.64 लाख रुपये सरेंडर

रुद्रपुर न्यूज़- त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले उत्तराखंड राज्य कर विभाग ने कर चोरी और जीएसटी नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) की टीमों ने रुद्रपुर और किच्छा में रेस्टोरेंट, स्वीट और बेकरी कारोबार से जुड़े पांच प्रतिष्ठानों पर एक साथ तलाशी और अभिग्रहण की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीमों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कारोबारी अभिलेख और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। इनमें रुद्रपुर का बीकानेर प्रतिष्ठान भी शामिल है।
फर्जी ITC का लाभ लेने की जांच
राज्य कर विभाग के अनुसार शुरुआती जांच में संबंधित प्रतिष्ठानों में GST नियमों के पालन में अनियमितताएं सामने आई हैं। विभाग को कुछ कारोबारियों द्वारा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लेने और देय कर का पूरा भुगतान नहीं किए जाने की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर विभाग ने सूचनाओं का विश्लेषण कर कार्रवाई की योजना तैयार की।
कई दिनों से मिल रही थीं कर अनियमितताओं की सूचनाएं
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक संबंधित प्रतिष्ठानों में कर संबंधी अनियमितताओं की सूचनाएं पहले से मिल रही थीं। इन सूचनाओं और उपलब्ध कारोबारी रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद एक साथ कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। संयुक्त आयुक्त श्याम तिरुवा ने कार्रवाई के लिए पांच अलग-अलग टीमें गठित कीं, जिसके बाद रुद्रपुर और किच्छा में संबंधित प्रतिष्ठानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
कार्रवाई के दौरान 21.64 लाख रुपये सरेंडर
राज्य कर विभाग के अनुसार तलाशी के दौरान संबंधित व्यापारियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए करीब 21.64 लाख रुपये की धनराशि सरेंडर की। हालांकि, विभाग की जांच अभी जारी है। टीमों द्वारा कब्जे में लिए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों की वास्तविक कर देनदारी और अन्य अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट होगी।
करीब 25 अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल
संयुक्त राज्य कर आयुक्त श्याम तिरुवा ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए विशेष अनुसंधान शाखा ने रेस्टोरेंट, स्वीट और बेकरी कारोबार से जुड़ी सूचनाएं जुटाई थीं। इन सूचनाओं का गहन विश्लेषण करने के बाद यह कार्रवाई की गई। अभियान में उपायुक्त एसआईबी इश्हाक खां के नेतृत्व में करीब 25 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
विभाग का कहना है कि जब्त किए गए अभिलेखों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद कर चोरी अथवा कर देनदारी से संबंधित आगे की कार्रवाई की जाएगी।








