उत्तराखंड- यहाँ बेटी के नामकरण की खुशी मातम में बदली, हाईटेंशन लाइन पर काम कर रहे पिता की करंट लगने से मौत

पिथौरागढ़ न्यूज़- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक परिवार में बेटी के नामकरण की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब नवजात बेटी का नामकरण संस्कार कराने के कुछ ही देर बाद पिता की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे में 36 वर्षीय तकनीशियन मनोज राम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मनोज परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

दो दिन से ठप थी पानी की आपूर्ति
जानकारी के मुताबिक, पिथौरागढ़ की आंवलाघाट पंपिंग योजना में बिजली की खराबी के कारण पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित थी। खराबी को ठीक करने की जिम्मेदारी तकनीशियन मनोज राम के पास थी। मंगलवार को वह बिजली की खराबी ठीक करने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
शटडाउन लेकर 11 केवी लाइन के पोल पर चढ़े
बताया गया कि मनोज ने विधिवत शटडाउन लेने के बाद 11 केवी हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़कर खराबी ठीक करने का काम शुरू किया। इसी दौरान अचानक बंद पड़ी लाइन में करंट दौड़ गया। तेज करंट की चपेट में आते ही मनोज पोल से चिपक गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बेटी का नामकरण हुआ और पिता की मौत की खबर घर पहुंची
हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि मंगलवार को ही मनोज की सबसे छोटी नवजात बेटी का नामकरण संस्कार हुआ था। परिवार में बेटी के नामकरण को लेकर खुशी का माहौल था। रस्म पूरी होने के बाद मनोज पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए काम पर निकल गए। लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत की खबर घर पहुंच गई। एक ही दिन में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
मनोज के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं। वह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। अचानक हुई इस मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
कड़ी मशक्कत के बाद पोल से उतारा शव
पुलिस और संबंधित टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मनोज के शव को बिजली के पोल से नीचे उतारा। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया और अंतिम कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित
यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता डीके बिष्ट ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी हादसे के कारणों और बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल होने की परिस्थितियों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही तय की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।








