धामी सरकार के अनुपूरक बजट में विकास पर बड़ा दांव, सड़क-बिजली-पानी से मेडिकल कॉलेजों तक करोड़ों का बजट, देखें किसे क्या मिला

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए धामी सरकार ने अनुपूरक बजट में बड़ा प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने सड़क, बिजली, पेयजल, शहरी विकास, स्वास्थ्य और आपदा प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी है। सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम अनुपूरक बजट में कुल 7,844.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद के लिए रखे गए हैं, जो कुल बजट का लगभग 53.1 प्रतिशत है।
बजट में सीधे तौर पर बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए करीब 1,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में विकास की रफ्तार बढ़ाने के साथ ही पहाड़ से मैदान तक सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करना है।
अवसंरचना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये
सरकार ने अवसंरचना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा जोशीमठ में भू-धंसाव से जुड़े कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपये रखे गए हैं। शहरी विकास की एडीबी योजनाओं के लिए 100 करोड़, शहरी विकास विभाग के भवनों के लिए 15 करोड़, पुलिस आवासीय भवनों के लिए 55 करोड़ और न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पंचायत भवनों के निर्माण के लिए भी पांच करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
गांवों की राह आसान करने के लिए सड़कों पर 61 करोड़
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के रखरखाव और मरम्मत के लिए 61 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग के तहत 31 करोड़ और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 30 करोड़ रुपये शामिल हैं।
ग्रामीण सड़कों का बेहतर रखरखाव गांवों को बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस बजट से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
ऊर्जा क्षेत्र को 270 करोड़, मजबूत होगा बिजली नेटवर्क
बिजली की बढ़ती मांग और निर्बाध आपूर्ति की जरूरत को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र की विभिन्न मदों के लिए 270 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें खुड़पिया फार्म परियोजना के साथ बिजली की पारेषण और वितरण व्यवस्था से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
इस निवेश का उद्देश्य बिजली नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने, आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाने और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ी जरूरतों को पूरा करना है।
पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 532 करोड़
पेयजल क्षेत्र की तीन प्रमुख मदों के लिए कुल 532 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें जल जीवन मिशन के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये, गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये और केएफडब्ल्यू परियोजना के लिए करीब 110 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इन प्रावधानों के जरिए पेयजल योजनाओं से जुड़े भुगतान और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे प्रदेश में पेयजल आपूर्ति से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेजों के लिए 160 करोड़
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। नए स्टेट डेटा सेंटर के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों के लिए 160 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
चिकित्सा शिक्षा संस्थानों के लिए किया गया यह प्रावधान स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विकास परियोजनाओं को गति देने पर सरकार का जोर
कुल मिलाकर अनुपूरक बजट में सड़क, बिजली, पेयजल, शहरी सुविधाओं, स्वास्थ्य और आपदा प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। पूंजीगत मद में 53.1 प्रतिशत राशि रखने के साथ सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।
अब इन बजटीय प्रावधानों का असर संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं में कितना दिखाई देता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा।










