उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- चारधाम यात्रा से पहले बड़ा फैसला: मंदिर परिसर में मोबाइल बैन, ब्लॉगिंग पर रोक, गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर विचार

देहरादून/केदारनाथ-बद्रीनाथ– केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं के लिए नए नियमों की तैयारी शुरू हो गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) इस संबंध में जल्द बैठक करने जा रही है, जिसमें मोबाइल फोन पर प्रतिबंध, ब्लॉगिंग पर रोक और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

 

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि दोनों धाम मंदिर समिति के अंतर्गत आते हैं, इसलिए धामों के नियम तय करने का अधिकार समिति के पास है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मंदिर परिसर में मोबाइल फोन का उपयोग करता पाया गया तो उसका फोन जब्त किया जा सकता है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

 

 

हिंदू शास्त्रों के मुताबिक, चार धाम यात्रा पश्चिम से पूर्व की ओर क्लॉक वाइज डायरेक्शन में करनी चाहिए। यानी यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में समाप्त होनी चाहिए।

 

📵 मोबाइल और ब्लॉगिंग पर रोक की तैयारी
मंदिर समिति के अनुसार, यह प्रतिबंध उन लोगों की वजह से लगाया जा रहा है, जो मंदिर परिसर में आकर वीडियो शूटिंग और ब्लॉगिंग करने लगते हैं, जिससे धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है।

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BKTC ने बताया कि दोनों धामों में एक सीमा क्षेत्र तय किया जाएगा, जिसके अंदर मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस क्षेत्र में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं की जांच की जाएगी।

 

🔐 परिसर में बनेंगे लॉकर
समिति दोनों धामों में मोबाइल और अन्य सामान रखने के लिए लॉकर बनाने की तैयारी कर रही है। हालांकि लॉकर कहां बनाए जाएंगे और इसके लिए शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस संबंध में बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

 

🚫 गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रस्ताव
BKTC अध्यक्ष ने पहले ही संकेत दिए हैं कि बद्रीनाथ, केदारनाथ सहित मंदिर समिति के अंतर्गत आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस पर अंतिम फैसला समिति की बैठक के बाद लिया जाएगा।

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🔎 नियम लागू होने पर दिखेंगे ये बदलाव
यदि नए नियम लागू होते हैं तो धामों में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे—

  1. ब्लॉगिंग पर प्रतिबंध:
    मंदिर परिसर में बिना अनुमति फोटो, वीडियो या ब्लॉगिंग नहीं की जा सकेगी। इसके लिए BKTC या जिला प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना या समिति की कार्रवाई हो सकती है।
  2. सीमा क्षेत्र (बॉर्डर लाइन):
    दोनों धामों में एक सीमा रेखा तय की जाएगी, जिसके बाद फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
  3. लॉकर व्यवस्था:
    श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल और अन्य सामान रखने हेतु लॉकर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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🗓️ बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे
बद्रीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तारीख पिछले वर्ष की तुलना में 11 दिन पहले तय की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के यात्रा सीजन में बद्रीनाथ धाम में 16.52 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे।

 

🕉️ केदारनाथ धाम के कपाट की घोषणा महाशिवरात्रि पर
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की आधिकारिक तारीख और समय की घोषणा महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में की जाएगी।

वर्ष 2025 में केदारनाथ धाम में 16.56 लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, जो 2024 के 16.52 लाख श्रद्धालुओं के आंकड़े से अधिक है।