राशन कार्ड को लेकर बड़ा अपडेट! 5 लाख से ज्यादा सालाना आय वालों का नहीं बनेगा कार्ड, जानें आवेदन से e-KYC तक पूरी जानकारी

हल्द्वानी न्यूज़- राशन कार्ड बनवाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अहम खबर है। अगर परिवार की सालाना आय पांच लाख रुपये से अधिक है तो नया राशन कार्ड नहीं बनाया जाएगा। वहीं, जिले में फिलहाल राज्य खाद्य योजना के पीले राशन कार्ड ही बनाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के सफेद और अंत्योदय योजना के गुलाबी राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा हो चुका है।
यह जानकारी बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने दी। उन्होंने पाठकों के राशन कार्ड, नाम कटने, कार्ड ट्रांसफर और e-KYC से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
इन लोगों के नाम राशन कार्ड से काटे गए
कार्यक्रम में राशन कार्ड रद्द होने और स्थानांतरण के दौरान नाम कटने से जुड़े कई सवाल सामने आए। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि इनकम टैक्स भरने वाले लोगों के नाम पिछले वर्ष ही राशन कार्ड से हटाए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राशन कार्ड मुख्य रूप से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा के लिए है। इसका इस्तेमाल पहचान पत्र या अन्य किसी लाभ के लिए नहीं होता।
पांच लाख से कम आय वालों के लिए यह है प्रक्रिया
जिन परिवारों की सालाना आय पांच लाख रुपये से कम है, वे नया राशन कार्ड बनवाने के लिए तहसील से आय प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की प्रतियां, नवजात बच्चे होने पर जन्म प्रमाण पत्र, महिला मुखिया की फोटो, उनके बैंक खाते की पासबुक की प्रति, पैन कार्ड या वोटर आइडी की प्रति और बिजली या गैस कनेक्शन के बिल जैसे दस्तावेज लेकर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है।
इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए उत्तराखंड खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के पोर्टल uk.smartpds.nic.in पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
फिंगरप्रिंट या रेटिना मैच नहीं होने पर क्या करें?
e-KYC के दौरान फिंगरप्रिंट या आंखों की रेटिना का मिलान नहीं होने की स्थिति में जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि संबंधित व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को राशन कार्ड का नामिनी बना सकता है। इससे कुछ समय तक राशन मिलने की व्यवस्था बनी रहेगी। हालांकि यह अस्थायी व्यवस्था है। स्थायी समाधान के लिए आधार केंद्र जाकर बायोमीट्रिक अपडेट कराने की सलाह दी गई है। बायोमीट्रिक अपडेट होने के बाद e-KYC पूरी की जा सकेगी।
दूसरे राज्य में बना राशन कार्ड है तो पहले वहां से नाम हटवाना होगा
अगर किसी व्यक्ति का राशन कार्ड पहले दिल्ली या किसी अन्य राज्य में बना हुआ है और अब उत्तराखंड में राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है, तो पहले पुराने राशन कार्ड से नाम हटवाना होगा। अधिकारी के अनुसार डुप्लीकेसी के कारण ऐसे मामलों में नाम कट सकता है। पुराने स्थान से नाम हटने के बाद उत्तराखंड में नए राशन कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है।
राशन कार्ड दूसरी दुकान में ट्रांसफर कराने के लिए देना होगा आवेदन
राशन कार्ड को दूसरी सरकारी राशन की दुकान में ट्रांसफर कराने के लिए कार्डधारक को ट्रांसफर का कारण बताते हुए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन के आधार पर राशन कार्ड को दूसरी दुकान में ट्रांसफर किया जा सकता है।
सफेद कार्ड का लक्ष्य पूरा, अभी चल रही वेटिंग
जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के सफेद और अंत्योदय योजना के गुलाबी राशन कार्ड का लक्ष्य पूरा हो चुका है। ऐसे में नए पात्र लोगों को फिलहाल प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। अधिकारी के मुताबिक अगर किसी सफेद राशन कार्ड का ट्रांसफर होता है या वह रद्द होता है तो उसकी जगह पात्र व्यक्ति के पीले राशन कार्ड को सफेद कार्ड में कन्वर्ट किया जा सकता है।
वहीं, नया राशन कार्ड बनने के बाद राशन तत्काल नहीं मिलता। अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड बनने के दो महीने बाद से राशन मिलना शुरू होता है।








