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Uttarakhand Teacher Recruitment: दूसरे राज्यों से D.El.Ed करने वाली विवाहित महिलाओं को बड़ी राहत

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में बेसिक शिक्षक बनने की तैयारी कर रही उन विवाहित महिला अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान से दो वर्षीय डीएलएड किया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी महिला अभ्यर्थी, जिनका विवाह उत्तराखंड में हुआ है, प्रदेश में बेसिक शिक्षक पद के लिए पात्र मानी जाएंगी।

 

 

हालांकि, पात्रता मिलने के बावजूद इन अभ्यर्थियों को उत्तराखंड में लागू आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग के अनुसार, यदि किसी महिला अभ्यर्थी का मूल निवास किसी दूसरे राज्य का है और वहां वह आरक्षित वर्ग से आती है, तो उत्तराखंड में विवाह के बाद शिक्षक भर्ती में उसे सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थी के रूप में माना जाएगा।

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शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी का डीएलएड प्रमाण पत्र संबंधित राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान से होना जरूरी है। यानी केवल दूसरे राज्य से डीएलएड करने के आधार पर पात्रता खत्म नहीं होगी, बल्कि संस्थान और प्रशिक्षण की मान्यता भी जांची जाएगी।

 

 

यह मामला वर्ष 2024 में बेसिक शिक्षकों के 2906 पदों पर हुई भर्ती के बाद सामने आया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे राज्यों से डीएलएड करने वाली और उत्तराखंड में विवाह करने वाली करीब 95 महिला समेत 152 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू की गई थी। इनमें कुछ महिला अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड में नौकरी के लिए आरक्षण का दावा भी किया था, जिसे विभाग ने स्वीकार नहीं करने की बात कही है।

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विभागीय स्तर पर इस मामले में यह तर्क दिया गया था कि संबंधित अभ्यर्थियों के मूल निवास प्रमाण पत्र दूसरे राज्यों के हैं और विवाह के बाद नौकरी के उद्देश्य से उन्होंने उत्तराखंड में निवास प्रमाण पत्र बनवाया है। वहीं, महिला अभ्यर्थियों का कहना था कि उनका विवाह उत्तराखंड में हुआ है और उन्होंने विवाह से पहले ही मान्यता प्राप्त संस्थानों से डीएलएड की पढ़ाई पूरी कर ली थी। ऐसे में उन्हें केवल इस आधार पर नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

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प्रारंभिक शिक्षा निदेशक केएस रावत ने कहा कि नियमों में स्पष्ट प्रावधान है कि दूसरे राज्यों के मान्यता प्राप्त संस्थान से डीएलएड करने के बाद उत्तराखंड में विवाह करने वाली महिला अभ्यर्थी बेसिक शिक्षक पद के लिए दावेदारी कर सकती है। हालांकि, ऐसी अभ्यर्थियों को उत्तराखंड में लागू आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें सामान्य श्रेणी में माना जाएगा।