उत्तराखण्डकुमाऊं,

बिंदुखत्ता में 34 दिन से सड़क पर आंदोलन! नेताओं की चुप्पी पर भड़का गुस्सा, 27 सितंबर को होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन

बिंदुखत्ता न्यूज़- बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाए जाने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार को आंदोलन के 34वें दिन पश्चिमी घोड़ानाला के बाजपुर चौराहे से पदयात्रा शुरू हुई। यात्रा चाइल्ड सेक्रेट पब्लिक स्कूल होते हुए शिव मंदिर तक पहुंची। पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। इस दौरान जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं कर लोगों से 27 सितंबर को शहीद स्मारक पर प्रस्तावित रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।

 

 

नेताओं की चुप्पी पर संगठन ने उठाए सवाल

वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि 34 दिनों से लगातार पदयात्रा चलने के बावजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता अब तक आंदोलन के समर्थन में सामने नहीं आए हैं। उन्होंने सांसद अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए।

 

 

उन्होंने कहा कि जनता की मूल मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में यदि जनप्रतिनिधि सामने नहीं आते हैं तो चुनाव के समय जनता के बीच जाने पर उनसे सवाल किए जाएंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन और प्रस्तावित रैली से दूरी बनाए रखने वाले नेताओं के रुख पर क्षेत्र की जनता नजर रख रही है।

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विधायक के दावे पर अर्जुन नाथ गोस्वामी का पलटवार

वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी ने विधायक मोहन सिंह बिष्ट के उस कथित बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें समिति के लोगों की जिलाधिकारी के साथ बैठक कराए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक की ओर से ऐसी कोई बैठक कराई गई है तो उसके प्रमाण सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

 

 

अर्जुन नाथ गोस्वामी ने दावा किया कि समिति की ओर से कई बार विधायक और सांसद सहित जनप्रतिनिधियों से अधिकारियों के साथ वार्ता कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि समिति अपने स्तर से एसडीएम और जिलाधिकारी से लेकर शासन के मुख्य सचिव तक कई बार वार्ता कर चुकी है।

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‘अधिसूचना के लिए सरकार की मंशा जरूरी’

अर्जुन नाथ गोस्वामी के अनुसार, अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान जब राजस्व ग्राम बनाए जाने से जुड़े कानूनी प्रावधानों की चर्चा होती है तो अधिकारियों की ओर से सरकार की मंशा को जरूरी बताया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से समिति की मांग है कि इस मुद्दे पर सरकार, प्रशासन और समिति के बीच त्रिपक्षीय वार्ता कराई जाए।

 

 

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पर भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शासन के मुख्य सचिव के साथ समिति की त्रिपक्षीय वार्ता कराने के कई आश्वासन दिए गए, लेकिन उनके अनुसार ये आश्वासन अब तक पूरे नहीं हुए।

 

 

27 सितंबर को प्रस्तावित है बड़ी रैली

वन अधिकार संगठन ने 27 सितंबर को शहीद स्मारक पर बड़ी रैली आयोजित करने का आह्वान किया है। शनिवार की पदयात्रा के दौरान नुक्कड़ सभाओं में क्षेत्रवासियों से बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की गई। संगठन का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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पदयात्रा में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी समेत इन्द्र सिंह पनेरी, बलवंत बिष्ट, रमेश गोस्वामी, दौलत सिंह कोरंगा, ममता बिष्ट, मीना मेहता, संध्या डालाकोटी, नंदन बोरा, बसंत पांडे, दीपक रौतेला, कुंवर सिंह पवार, चंचल सिंह कोरंगा, बलवंत परिहार, भवान सिंह कठायत, गोविंद गिरी, गोपाल नेगी, खुशाल सिंह कोश्यारी, जीवन पांडे, सोहन लाल, दीपक जोशी, सुशील यादव, प्रकाश उत्तराखंडी, नंदन किरमोलिया, राजेंद्र फर्त्याल, पुष्पा परिहार, बसंती देवी, आशा देवी, आशा जोशी, भावना जोशी, चंपा देवी, धर्मा बिष्ट, लीला कार्की, पुष्पा देवी, हेमा पिमोली, लीला देवी, ममता परिहार, गंगा देवी, नंदी देवी, नीमा ऐठानी, दमयंती ठगुन्ना, पूरन बोरा, देवेंद्र गोस्वामी, दान सिंह बिष्ट, रंजीत परिहार, ठाकुर परिहार, चंदन बोरा, भुवन शर्मा, हरीश डसीला, जगदीश मठपाल, पूरन पाठक और भवान बिष्ट सहित अनेक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।