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उत्तराखंड- UKSSSC परीक्षा में पेपर बाहर भेजने का मामला: मुख्य आरोपी खालिद गिरफ्तार, जैमर तकनीक पर उठे सवाल

देहरादून/हरिद्वार। यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा के प्रश्नपत्र के तीन पन्ने बाहर भेजे जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को आरोपी की बहन साबिया की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मुख्य आरोपी और अभ्यर्थी खालिद को भी दबोच लिया है। खालिद तीन दिन से फरार चल रहा था।

 

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि खालिद को लक्सर क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह मामला किसी संगठित पेपर लीक गैंग से जुड़ा हुआ नहीं लग रहा है, बल्कि यह चिटिंग का प्रयास प्रतीत होता है। पुलिस खालिद से पूछताछ कर रही है।

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📱 मोबाइल प्रतिबंधित होने के बावजूद पेपर की फोटो कैसे हुई?

परीक्षा में सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि जब केंद्रों पर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित था तो खालिद ने प्रश्नपत्र की फोटो कैसे खींची और बाहर भेजी। इस पूरे प्रकरण ने परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

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🚫 445 केंद्रों पर जैमर लगे लेकिन रहे नाकाम

आयोग की ओर से इस बार सभी 445 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद पेपर की फोटो बाहर चली गई। जांच में सामने आया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) की ओर से लगाए गए ये जैमर केवल 4-जी नेटवर्क तक को ब्लॉक कर पाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ये 5-जी नेटवर्क को रोकने में नाकाम हैं, जबकि प्रदेश के ज्यादातर शहरों में 5-जी नेटवर्क चालू है।

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परीक्षा की निष्पक्षता पर फिर उठे सवाल

अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आयोग द्वारा किए गए सख्त इंतजामों के बावजूद परीक्षा केंद्रों में तकनीकी खामियां क्यों रह गईं। क्या केंद्रों पर किसी की मिलीभगत रही या सिर्फ तकनीक की कमजोरी का फायदा उठाया गया?