उत्तराखण्डगढ़वाल,

देहरादून में लेडी टीचर सृष्टि कंडारी की मौत की CB-CID जांच, BJP विधायक ने CM धामी से की थी उच्चस्तरीय जांच की मांग

देहरादून न्यूज़- डोईवाला क्षेत्र में सरकारी स्कूल की शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच CB-CID को सौंप दी गई है। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। विधायक के मुताबिक, उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी मामले की गहन जांच का अनुरोध किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गृह सचिव को मामले की जांच CB-CID को सौंपने के लिखित निर्देश जारी किए।

 

 

 

मामला 29 जुलाई 2026 को सामने आया था। देहरादून के डोईवाला क्षेत्र स्थित ससुराल में सृष्टि कंडारी की मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष का कहना है कि सृष्टि ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। वहीं, मृतका के मायके वालों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया है।

 

 

नवंबर 2025 में हुई थी शादी

पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर क्षेत्र के श्रीकोट निवासी स्वर्गीय सुमेर सिंह कंडारी की बेटी सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में देहरादून के लक्ष्मण एन्क्लेव, दिल्ली फार्म हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुई थी। सृष्टि सरकारी स्कूल में गणित की शिक्षिका थीं।

 

 

मृतका की मां सीमा कंडारी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू द्वारा दहेज और अन्य कारणों को लेकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

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ससुराल वाले ‘मनहूस’ कहकर करते थे प्रताड़ित, परिजनों का आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद सृष्टि को ‘मनहूस’ कहा जाने लगा। परिवार वालों का दावा है कि किसी पंडित की बात पर विश्वास करते हुए सृष्टि को यह कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था कि उसके घर आने के बाद परिवार में अनिष्ट होने लगा है और ससुर की तबीयत खराब रहने लगी है।

परिजनों का आरोप है कि ससुर की मौत के बाद सृष्टि को इसके लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया और उसकी प्रताड़ना और बढ़ गई।

 

 

 

छह महीने से प्रताड़ित किए जाने का आरोप

सृष्टि की मां और भाई समेत अन्य परिजनों का आरोप है कि वह पिछले करीब छह महीने से लगातार मानसिक दबाव में थी। उनका दावा है कि सृष्टि ने मौत से पहले अपनी मां और अन्य परिजनों को वीडियो भेजा था, जिसमें उसने ससुराल में हो रही कथित प्रताड़ना का जिक्र किया था।

 

 

वीडियो में सृष्टि के कथित आखिरी शब्दों को लेकर परिजनों का कहना है कि उसने अपनी मां और बहन से माफी मांगते हुए कहा कि वह करीब छह महीने से सब कुछ सह रही थी, लेकिन अब और सहन नहीं कर पा रही है। उसने शादी के बाद से परिस्थितियां बदलने और उसे ‘मनहूस’ कहे जाने का भी जिक्र किया।

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भाई ने कहा- ‘ये आत्महत्या नहीं, हत्या है’

सृष्टि के भाई ऋतांशु कंडारी ने आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मानसिक, शारीरिक और आर्थिक प्रताड़ना का परिणाम है।

 

 

 

उनका दावा है कि सृष्टि अच्छी सैलरी वाली सरकारी शिक्षिका थीं, लेकिन इसके बावजूद उनका बैंक खाता लगभग खाली रहता था और ससुराल की कार की किस्त भी वही भरती थीं। ऋतांशु के मुताबिक, सृष्टि कुछ समय के लिए ससुराल छोड़कर मायके चली गई थीं, लेकिन पति के पिता के निधन के बाद करीब तीन दिन पहले ही वह वापस ससुराल लौटी थीं।

 

 

परिजनों का आरोप है कि सास, पति और ननद तीनों सृष्टि को प्रताड़ित करते थे और परिवार में हुई परेशानियों के लिए उसे जिम्मेदार ठहराते थे।

 

 

 

चचेरे भाई ने उठाए कई सवाल

सृष्टि के चचेरे भाई ने कहा कि घटना वाले दिन सुबह सृष्टि ने अपनी मां को वीडियो भेजा था। इसके बाद उनकी मां ने ससुराल वालों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।

 

 

परिजनों के अनुसार, बाद में उन्हें सृष्टि के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली। उनका आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें सृष्टि की मौत की जानकारी मिली।

 

 

परिजनों ने यह सवाल भी उठाया है कि यदि सृष्टि ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी तो पुलिस को सूचना देने से पहले शव को नीचे क्यों उतारा गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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महिला आयोग ने भी लिया स्वतः संज्ञान

मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

 

 

वहीं, मृतका की मां की शिकायत पर पुलिस ने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की प्रारंभिक जांच डोईवाला की सीओ वंदना वर्मा कर रही थीं।

 

 

अब CB-CID करेगी जांच

मामले को लेकर बढ़ते विवाद और मृतका के परिवार की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच की मांग के बाद अब जांच CB-CID को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद गृह विभाग की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की गई है।

 

 

अब CB-CID मृतका के वीडियो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ-साथ परिजनों और ससुराल पक्ष के बयानों की जांच करेगी। इसके बाद ही सृष्टि की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे किसी तरह की आपराधिक साजिश अथवा प्रताड़ना की भूमिका थी, इसका स्पष्ट पता चल सकेगा।

 

 

फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियों की जांच जारी है। मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।