SSP की चेतावनी के बावजूद MBPG कॉलेज के बाहर शक्ति प्रदर्शन, पुलिस से भिड़े छात्र; DJ-ट्रकों की रैली पर अब कार्रवाई

हल्द्वानी न्यूज़- कुमाऊं के सबसे बड़े मोतीराम बाबूराम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (MBPG कॉलेज) में छात्रसंघ चुनाव को लेकर शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान माहौल गरमा गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत सभी 11 पदों के लिए प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान SSP मंजूनाथ टीसी की चेतावनी के बावजूद प्रत्याशियों के समर्थकों ने कॉलेज के बाहर रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। रैली में बाइक के साथ बड़े वाहन और ट्रक भी शामिल थे, जिन पर DJ लगाए गए थे। तेज आवाज में नारेबाजी और जुलूस के कारण सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने NSUI से जुड़े कुछ लोगों को मौके से खदेड़ा और लाठियां भी भांजीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्र नेताओं को पहले ही बिना अनुमति जुलूस और प्रदर्शन नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद रैली निकाली गई, जिसके बाद पुलिस ने अब नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान शुरू कर दी है।
पुलिस ने रैली में शामिल छोटे वाहनों के साथ ही ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के नंबर भी नोट किए हैं। SP सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि रैली में शामिल लोगों के चेहरों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस पूरे मामले में वीडियो और अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटा रही है।

तीन प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
MBPG कॉलेज में 29 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव में करीब 12 हजार छात्र-छात्राएं मतदान करेंगे। अध्यक्ष पद के लिए इस बार मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है। ABVP के प्रत्याशी धीरज बिष्ट, NSUI के मेहुल शाह और ABVP से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे आर्यन बेलवाल चुनाव लड़ रहे हैं।
निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल नामांकन के दौरान बिना जूता-चप्पल पहने और दुपट्टा ओढ़कर समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने अपने कुलदेवता के मंदिर में दर्शन करने के बाद नामांकन प्रक्रिया पूरी की। वहीं NSUI प्रत्याशी मेहुल शाह ने चुनाव को त्रिकोणीय मुकाबला बताया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ महीनों के संघर्ष के बाद छात्रों को छात्रावास की जीत मिली है।
ABVP प्रत्याशी धीरज बिष्ट ने कहा कि विपक्षी दोनों प्रत्याशी मिलकर भी विद्यार्थी परिषद की बराबरी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि वे केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि पूरे वर्ष कॉलेज में छात्रों के मुद्दों को लेकर संघर्ष करते हैं। बगावत के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे न बागी हैं और न दागी।
26 सितंबर को नाम वापसी, 29 को मतदान
चुनाव प्रक्रिया के तहत 26 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित है। इसके बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। 29 सितंबर को मतदान कराया जाएगा, जिसमें करीब 12 हजार छात्र-छात्राएं अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
पुलिस ने चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। SP सिटी मनोज कत्याल के अनुसार, रैली में शामिल वाहनों के नंबर नोट किए गए हैं और संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।








