उत्तराखण्डकुमाऊं,

गौला नदी में बिना अनुमति मशीन उतारने पर वन विभाग ने रुकवाया कार्य, आदेश मिलते ही आधे घंटे में दी एनओसी

हल्द्वानी न्यूज़– गौला नदी में तेज बहाव और ऊंचे जलस्तर के बीच आरक्षित वन क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति पोकलैंड/जेसीबी मशीन उतारकर कार्य शुरू करने पर वन विभाग ने उसे रुकवा दिया। विभाग के अनुसार, नदी की जोखिमपूर्ण स्थिति में भारी मशीन चलाने से दुर्घटना और जनहानि की आशंका थी।

 

 

वन विभाग ने बताया कि कार्य के संबंध में उसे न तो कोई पूर्व आवेदन मिला था और न ही सक्षम प्रशासनिक स्तर से सूचना या आदेश प्राप्त हुआ था। आरक्षित वन क्षेत्र में आपदा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संबंधित विभागों के बीच पूर्व समन्वय और अनुमति आवश्यक है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 22 जुलाई तक मौसम का हाई अलर्ट, SEOC ने सभी जिलों को किया सतर्क; भारी बारिश को लेकर जारी किए अहम निर्देश

 

 

विभाग के अनुसार, प्रशासनिक स्तर से कार्य को आपदा राहत के अंतर्गत कराने का आदेश मिलते ही लगभग आधे घंटे के भीतर एनओसी जारी कर दी गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य राहत कार्य रोकना नहीं, बल्कि तेज बहाव के बीच बिना अनुमति भारी मशीन उतारने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना था।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ सवारियों से भरी मैक्स अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी, महिला की मौत, दो बच्चे समेत छह लोग घायल।

 

 

प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग, दीपक सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की भूमि और संपत्ति को नदी कटाव से बचाने के लिए किए जा रहे चैनलाइजिंग व बचाव कार्यों में वन विभाग पूरा सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य जनसुरक्षा, आरक्षित वन क्षेत्र की सुरक्षा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए जाने चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ महिला की हत्या कर जंगल में फेंका शव, पुलिस शिनाख्त में जुटी