उत्तरकाशी में जंगल की आग बुझाते हुए फॉरेस्ट गार्ड की मौत, खाई में गिरने से गई जान
आग पर काबू पाने के बाद लौट रहे थे रोहन रावत, हादसे से 15 मिनट पहले अधिकारियों को भेजी थीं मौके की तस्वीरें

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में जंगल की आग बुझाने के दौरान एक फॉरेस्ट गार्ड की दर्दनाक मौत हो गई। पुरोला टौंस वन प्रभाग के ठडुंग बीट क्षेत्र में बुधवार को लगी जंगल की आग पर कई घंटों की मशक्कत के बाद काबू पाने वाले वन बीट अधिकारी रोहन रावत (31) की वापसी के दौरान खाई में गिरने से मौत हो गई। घटना से वन विभाग और उनके गांव में शोक की लहर है।

वन विभाग के अनुसार, बुधवार को ठडुंग बीट क्षेत्र में जंगल में आग लगने की सूचना मिलने पर रोहन रावत अपनी टीम और स्थानीय मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे थे। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग को फैलने से रोकते हुए उस पर काबू पा लिया।
आग नियंत्रण में आने के बाद रोहन रावत ने विभागीय अधिकारियों को अभियान की जानकारी दी। उन्होंने अपने मोबाइल फोन से मौके की तस्वीरें खींचकर वन विभाग के अधिकारियों को भेजीं। इन तस्वीरों के माध्यम से उन्होंने आग बुझाने की कार्रवाई और क्षेत्र की स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया। बताया जा रहा है कि हादसे से करीब 15 मिनट पहले ही उन्होंने ये तस्वीरें भेजी थीं।
आग बुझाने का अभियान पूरा होने के बाद रोहन रावत अपनी टीम के साथ वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी रास्ते पर अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। साथ चल रहे कर्मचारियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन खाई की गहराई और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही रेंज अधिकारी अमिता थपलियाल समेत वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों और विभागीय कर्मचारियों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सहकर्मियों के अनुसार, रोहन रावत अपने कर्तव्यों के प्रति बेहद समर्पित थे और जंगल की आग रोकने के अभियानों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते थे। उनके निधन को वन विभाग के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
रोहन रावत मूल रूप से उत्तरकाशी जिले के मंजयाली गांव के निवासी थे। उनके निधन की खबर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग उनके परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।








