उत्तराखण्ड

हल्द्वानी-बिना अनुमति रैली निकालने पर गौला संघर्ष समिति के इन खनन व्यवसायियों के खिलाफ पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

हल्द्वानी न्यूज़– गौला खनन संघर्ष समिति द्वारा अपनी मांगों को लेकर हल्द्वानी में किए गए धरना प्रदर्शन के मामले में उनके खिलाफ बिना अनुमति के सड़कों पर प्रदर्शन करना, हाईवे जाम करना और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करना सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

एसपी सिटी हरबंस सिंह ने कहा कि खनन कारोबारी द्वारा 18 दिसंबर को विशाल धरना प्रदर्शन करते हुए अर्धनग्न प्रदर्शन किया था। जहां उनके द्वारा बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया। जहां हाईवे को जाम कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किया गया। यही नहीं धरना प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। पूरे मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने अराजकता के तहत सम्बन्धितो के विरुद्ध विधिक कार्यवाही के लिए पुलिस को पत्र लिखा था।

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इसके बाद मामले में पुलिस ने जांच करते हुए खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी और राजेंद्र सिंह बिष्ट सहित 70 से 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा पुलिस को पत्र लिखा गया था कि 18 दिसंबर 2023 को गौला खनन संघर्ष समिति के सदस्यों द्वारा द्वारा बिना किसी पूर्व अनुमति अथवा बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी मांगो के सम्बन्ध में एक आन्दोलन रैली निकालते हुए एसडीएम कोर्ट परिसर में उपस्थित होकर एस.डी.एम. कोर्ट परिसर के प्रांगण में ही धरना दिया गया। वही रैली में राजेन्द्र बिष्ट व रमेश जोशी नामक व्यक्तियों के साथ लगभग 70-80 लोग मौजूद थे।

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उक्त आन्दोलित व्यक्तियों द्वारा एसडीम कोर्ट परिसर में ही मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड सरकार के विरुद्ध आपत्तिजनक नारेबाजी की गई। जबकि धरना प्रदर्शन किये जाने हेतु पूर्व से ही बुद्ध पार्क हल्द्वानी चयनित किया गया है।

नीतिगत मामलों में लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जताने का सभी को अधिकार है लेकिन इसकी आड़ में अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उस दिन जिस तरह से बिना अनुमति के रैली निकालने के साथ अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया गया था, वह उचित नहीं था। सोमवार के लिए भी रैली के लिए अनुमति मांगी गई थी लेकिन पुलिस ने पूर्व में हुई घटना और पर्यटन सीजन को देखते हुए रैली की अनुमति नहीं दी है। इस कारण सिर्फ धरनास्थल पर बैठक करने की ही अनुमति दी गई है। रिचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट

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