उत्तराखण्डकुमाऊं,क्राइम

हल्द्वानी- राधिका ज्वेलर्स चोरीकांड का खुलासा: अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के 4 शातिर चोर गिरफ्तार, 22 लाख के जेवर बरामद

हल्द्वानी न्यूज़- हल्द्वानी शहर में चर्चित राधिका ज्वेलर्स चोरीकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टीसी ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस सनसनीखेज चोरी में शामिल एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है।

 

एसएसपी ने बताया कि आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले राधिका ज्वेलर्स की रेकी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने ज्वेलर्स के ठीक बगल की दुकान में किरायेदार बनकर रहना शुरू किया, ताकि किसी को शक न हो। लंबे समय से योजना बनाकर गिरोह ने 20 दिसंबर को चोरी की इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ फंदे पर लटका मिला नवविवाहिता जोड़े का शव, साथ लगा लिया मौत को गले, जानें पूरा मामला

 

गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल, महाराष्ट्र और झारखंड के रहने वाले अपराधी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना झारखंड निवासी मकसूद और महाराष्ट्र निवासी तनवीर है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए लगभग 54 ग्राम सोना और 7.25 किलोग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- (बड़ी खबर) भारी बारिश के चलते कल 5 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी के आदेश हुए जारी

 

इसके अलावा चोरी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह में चार से अधिक आरोपी शामिल थे। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

 

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका। फुटेज के विश्लेषण और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- भाषा विभाग का अजीबोगरीब फैसला,वाहनों की नंबर प्लेट पर अंग्रेजी में UK के बजाए उ.ख. लिखना होगा

 

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है।