सुप्रीम कोर्ट में 24 फरवरी को बनभूलपुरा रेलवे भूमि मामले की सुनवाई, हल्द्वानी पुलिस अलर्ट; 23 से बढ़ेगी सुरक्षा, रात 11 बजे बाद दुकानें बंद

हल्द्वानी न्यूज़- बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में 24 फरवरी को प्रस्तावित सुनवाई को लेकर हल्द्वानी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। प्रशासन ने 23 फरवरी से ही क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया है। संवेदनशील माने जाने वाले बनभूलपुरा इलाके में ड्रोन से निगरानी की जाएगी, जबकि 31 हिस्ट्रीशीटरों की जल्द परेड भी कराई जाएगी।
पुलिस के अनुसार, बनभूलपुरा कांड में जमानत पर छूटे लोगों पर विशेष नजर रखी जाएगी। साथ ही बीते एक वर्ष में मारपीट, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने वाले व्यक्तियों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
4365 घरों को रेलवे ने बताया अतिक्रमण
बहुचर्चित रेलवे अतिक्रमण मामले में रेलवे ने रेल सेवा विस्तार के लिए करीब 31 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई है। रेलवे का दावा है कि उसकी भूमि पर लगभग 4365 मकान अतिक्रमण की श्रेणी में आते हैं। इस मामले में पहले 10 दिसंबर और 16 दिसंबर को सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आगे की तारीख निर्धारित कर दी थी। अब 24 फरवरी को इस पर सुनवाई होनी है।
रमजान से पहले पीस कमेटी बैठक
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि रमजान से पहले आयोजित पीस कमेटी की बैठक में क्षेत्र के धर्मगुरुओं से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु लोगों को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान शांति बनाए रखने के लिए जागरूक करेंगे। इस बार क्षेत्र में फ्लैग मार्च नहीं निकाला जाएगा, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। साथ ही बनभूलपुरा कांड में छूटे लोगों का सत्यापन भी कराया जाएगा।
पूरे शहर में रात 11 बजे के बाद दुकानें बंद
शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने बड़ा निर्णय लिया है। अब केवल बनभूलपुरा ही नहीं, बल्कि पूरे हल्द्वानी शहर में रात 11 बजे के बाद दुकानें, मेडिकल स्टोर, चाय की दुकानें और पान के खोखे बंद रहेंगे।
रात 11 बजे के बाद अनावश्यक रूप से घूमने वाले व्यक्तियों पर भी पुलिस सख्ती करेगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि देर रात असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।








