उत्तराखंड- यहाँ फर्जी जनसेवा केंद्र पर पुलिस का छापा, 1000 से ज्यादा नकली प्रमाण पत्र बनाने का खुलासा

कलियर थाना पुलिस ने सत्यापन अभियान के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए होटल में संचालित एक अवैध जनसेवा केंद्र पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और विभिन्न विभागों की जाली मोहरें बरामद की हैं। आरोपी खुद को मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था।
पुलिस के अनुसार, स्थानीय अभिसूचना इकाई की टीम के साथ सत्यापन के दौरान एक होटल के कमरे में “शाहिदा मानवाधिकार जनसेवा केंद्र” नाम से केंद्र संचालित किया जा रहा था। पूछताछ में संचालक ने अपना नाम शहनवाज निवासी साहिबगंज, मुजफ्फरपुर (बिहार) बताया। आरोपी ने खुद को मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बताते हुए पुलिस को फर्जी पहचान पत्र दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन जांच में आईडी कार्ड फर्जी निकला।
तलाशी के दौरान पुलिस को स्थानीय व बाहरी राज्यों के लोगों के नाम पर बनाए गए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड मिले। सभी जन्म प्रमाण पत्रों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था और उत्तराखंड शासन का लोगो लगा हुआ था। अधिकतर प्रमाण पत्र नगर निगम रुद्रपुर के लेटर पैड पर जारी दर्शाए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नगर पंचायत पिरान कलियर के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से दस्तावेजों का सत्यापन कराया, जिसमें सभी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर और मोहरें पूरी तरह जाली थीं।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गूगल से ऑनलाइन फॉर्मेट डाउनलोड कर सॉफ्टवेयर की मदद से एडिटिंग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। अब तक वह एक हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर लोगों को बेच चुका है।
पुलिस ने मौके से 45 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, सात विभागों की जाली मोहरें, एक लैपटॉप, चार्जर, माउस, छह मोबाइल फोन, छह आधार कार्ड और मानवाधिकार आयोग का फर्जी आईडी कार्ड बरामद किया है।
कलियर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।








