उत्तराखण्डकुमाऊं,गढ़वाल,

धामी सरकार की पारदर्शी खनन व्यवस्था को SKOCH अवार्ड, MDTSS और ई-रवन्ना प्रणाली को मान्यता

खनन विभाग की पारदर्शी व तकनीकी पहलों को मिला ‘India’s Honest Independent Honor’, 28 मार्च को नई दिल्ली में होगा सम्मान समारोह

उत्तराखंड के भूतत्व एवं खनकर्म विभाग की दो अभिनव डिजिटल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित खनन डिजिटल रूपांतरण एवं निगरानी प्रणाली (MDTSS) और ई-रवन्ना सुरक्षा कागज प्रणाली का चयन प्रतिष्ठित SKOCH Award – ‘India’s Honest Independent Honor’ के लिए किया गया है। इन परियोजनाओं को 106वें SKOCH Summit में सम्मानित किया जाएगा।

 

 

यह सम्मान सुशासन, पारदर्शिता, डिजिटल नवाचार और परिणाम आधारित प्रशासनिक सुधारों के लिए प्रदान किया जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि राज्य सरकार की जवाबदेह कार्यप्रणाली और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता देने की नीति का परिणाम है।

यह भी पढ़ें 👉  SSP नैनीताल के निर्देश में नैनीताल पुलिस ने चलाया ऑपरेशन ब्लैक मार्केट, नियमों का पालन न करने वालों पर की ताबड़तोड़ कार्यवाही

 

 

MDTSS से अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश
खनन डिजिटल रूपांतरण एवं निगरानी प्रणाली (MDTSS) एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो खनिज परिवहन की स्रोत से गंतव्य तक एंड-टू-एंड ट्रैकिंग सुनिश्चित करता है।

 

इस प्रणाली को ई-ट्रांजिट परमिट, आरएफआईडी (RFID) और एएनपीआर (ANPR) कैमरों से जोड़ा गया है, जिससे वाहनों का रियल-टाइम सत्यापन संभव हो सका है।

 

इसके अलावा वेब्रिज (धर्मकांटा) के एकीकरण से वाहनों के वजन का स्वतः डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है और ओवरलोडिंग की स्थिति में तत्काल अलर्ट जारी किया जाता है।

 

राज्य और जनपद स्तर पर केंद्रीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से सभी गतिविधियों की सतत निगरानी की जा रही है। विभाग के अनुसार, इससे अवैध खनन एवं अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल में सांप्रदायिक बवाल के दूसरे दिन भी नहीं थमा गुस्सा, बाजार-स्कूल बंद, सड़कों पर तनाव

 

ई-रवन्ना सुरक्षा कागज से फर्जीवाड़े पर रोक
खनिज परिवहन में फर्जी रवन्ना प्रपत्रों की रोकथाम के लिए साधारण कागज की जगह विशेष सुरक्षा फीचर युक्त कागज लागू किया गया है।

 

इसमें यूनिक क्यूआर कोड, वॉटरमार्क, माइक्रो-टेक्स्ट और अमिट स्याही जैसे उन्नत सुरक्षा तत्व शामिल किए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद फर्जीवाड़े के मामलों में कमी आई है और राजस्व संरक्षण को मजबूती मिली है।

 

अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और खनन क्षेत्र में भ्रष्टाचार की संभावनाओं को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्‍तराखंड- यहाँ 10-20 रुपए देकर बच्‍चों से काम करवाता था गोदाम मालिक, मना किया तो की ऐसी बर्बरता, मनवता हुई शर्मसार

 

28 मार्च को नई दिल्ली में सम्मान
106वें SKOCH Summit के तहत 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उत्तराखंड के सचिव (खनन) एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनकर्म निदेशालय यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करेंगे।

 

राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह उपलब्धि उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि विभाग की ये पहलें डिजिटल सुशासन, पारदर्शी प्रशासन और राजस्व संरक्षण के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती हैं।